लखनऊ में गैस माफिया का बड़ा खुलासा: घरेलू सिलेंडर की कालाबाजारी, जन एक्सप्रेस की टीम ने पकड़ा आरोपी

जन एक्सप्रेस/लखनऊ:
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में गैस माफिया के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब कानून का डर पूरी तरह खत्म होता नजर आ रहा है। घरेलू रसोई गैस, जो आम जनता को सब्सिडी पर मिलती है, वही अब खुलेआम कालाबाजारी का जरिया बन चुकी है।
जन एक्सप्रेस का बड़ा खुलासा
जन एक्सप्रेस की टीम ने एक बार फिर एक बड़ा खुलासा किया है। मामला हासिमपुर स्थित भारत गैस एजेंसी से जुड़ा हुआ है, जहां एजेंसी का हॉकर अशोक लंबे समय से गैस की कालाबाजारी में लिप्त बताया जा रहा है।
पहले भी दर्ज हो चुका है मुकदमा
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अशोक के खिलाफ पहले भी गैस कालाबाजारी का मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। उसकी पिकअप डाला गाड़ी भी सीज बताई जा रही है, लेकिन इसके बावजूद उसका अवैध कारोबार लगातार जारी है।
रंगे हाथों पकड़ा गया आरोपी
जब जन एक्सप्रेस की टीम मौके पर पहुंची, तो अशोक को रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
मौके से बरामद:
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15 घरेलू गैस सिलेंडर
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2 कमर्शियल गैस सिलेंडर
जब उससे बिल और बाउचर मांगे गए, तो वह कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका।
पूछताछ में उसने दावा किया कि यह सिलेंडर हासिमपुर भारत गैस एजेंसी की गाड़ी द्वारा छोड़े गए थे।
प्रशासन पर उठे सवाल
घटना की सूचना तुरंत 112 पुलिस को दी गई। साथ ही पूरे मामले का वीडियो और लोकेशन जिला पूर्ति अधिकारी को भेज दी गई।
लेकिन बड़ा सवाल यह है—
इतने पुख्ता सबूतों के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
क्या गैस माफिया को किसी का संरक्षण प्राप्त है?
या फिर जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर चुप हैं?
आम जनता पर सीधा असर
जिस गैस सिलेंडर के लिए आम आदमी घंटों लाइन में खड़ा रहता है, वही सिलेंडर कालाबाजारी के जरिए महंगे दामों पर बेचे जा रहे हैं। यह सीधे तौर पर जनता की रसोई पर डाका है।
जन एक्सप्रेस के तीखे सवाल
क्या कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी?
क्या बार-बार पकड़े जाने के बाद भी गैस माफिया बचते रहेंगे?
आखिर कब जागेगा पूर्ति विभाग?






