ब्राह्मण राजनीति में बड़ी हलचल: अब विधायक ही नहीं, सांसद भी होंगे एक मंच पर
लखनऊ से दिल्ली तक सियासी सरगर्मी तेज, जनवरी के पहले सप्ताह में शलभ मणि त्रिपाठी के आवास पर होगी अहम बैठक

जन एक्सप्रेस/लखनऊ।उत्तर प्रदेश की राजनीति में ब्राह्मण समाज की सक्रियता एक बार फिर सुर्खियों में है। ब्राह्मण विधायकों की प्रस्तावित बैठक अब और व्यापक रूप लेने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, जनवरी के पहले सप्ताह में पत्रकार से विधायक बने शलभ मणि त्रिपाठी के लखनऊ स्थित आवास पर होने वाली बैठक में सभी दलों के ब्राह्मण सांसदों को भी आमंत्रित किए जाने की तैयारी है।अब तक केवल विधायकों तक सीमित मानी जा रही यह पहल, सांसदों की भागीदारी के साथ राष्ट्रीय राजनीतिक संदेश देने की ओर बढ़ती दिख रही है। बैठक में सामाजिक, राजनीतिक और संगठनात्मक मुद्दों पर साथ बैठकर भोजन एवं चर्चा को लेकर सहमति बनाई जा रही है।राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि ब्राह्मण समाज की इस एकजुटता ने सत्ताधारी से लेकर विपक्ष तक को सतर्क कर दिया है। बताया जा रहा है कि बैठकों का यह सिलसिला किसी दबाव या डर से रुकने वाला नहीं है।लखनऊ से लेकर दिल्ली तक इस बैठक को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ब्राह्मण नेताओं की इस सामूहिक पहल ने मौजूदा राजनीतिक समीकरणों में नई बेचैनी पैदा कर दी है।यही वजह है कि कहा जा रहा है—“ब्राह्मणों की बैठक से पूरा सिस्टम हैंग हो गया है।






