पंचायतों की वित्तीय सुदृढ़ता पर हुआ मंथन: छठे राज्य वित्त आयोग की बैठक सम्पन्न
स्थानीय निकायों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, विकास योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने के लिए दिए सुझाव

जन एक्सप्रेस रुद्रप्रयाग। जिला सभागार में आज छठे राज्य वित्त आयोग की टीम द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पंचायतों की वित्तीय सुदृढ़ता और स्थानीय स्तर पर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।बैठक की अध्यक्षता एन. रविशंकर (अध्यक्ष, राज्य वित्त आयोग एवं पूर्व मुख्य सचिव) ने की। आयोग के सदस्य पी. एस. जंगपांगी (सेवानिवृत्त सचिव) और डॉ. एम. सी. जोशी (पूर्व सचिव) भी उपस्थित रहे। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम कठैत, उपाध्यक्ष रितु नेगी, भाजपा जिला अध्यक्ष भारत भूषण भट्ट, जिलाधिकारी प्रतीक जैन, मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत, सहित जिला व क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।आयोग के सदस्यों ने पंचायतों को प्राप्त होने वाले अनुदान, राजस्व वितरण, कर संग्रहण और वित्तीय पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पंचायतें ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं, इसलिए उन्हें वित्तीय दृष्टि से सशक्त बनाना आवश्यक है।पंचायत प्रतिनिधियों ने सुझाव दिए कि विकास कार्यों के संचालन के लिए समयबद्ध वित्तीय आवंटन, तकनीकी मार्गदर्शन और मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, योजनाओं की स्वीकृति एवं भुगतान प्रक्रिया को ऑनलाइन और सरल बनाने पर भी जोर दिया गया।अध्यक्ष एन. रविशंकर ने कहा कि राज्य वित्त आयोग का उद्देश्य पंचायतों को वित्तीय स्वायत्तता प्रदान करना और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप नीतियां तैयार करना है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पंचायत प्रतिनिधियों के सुझावों को आयोग की अनुशंसा रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा, जिससे राज्य स्तर पर नीतिगत निर्णय लिए जा सकें।बैठक के अंत में आयोग के सदस्यों ने जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना की और कहा कि रुद्रप्रयाग में त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था जनहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी समय में पंचायतें और अधिक प्रभावी ढंग से ग्रामीण विकास में योगदान देंगी।






