मनरेगा को लेकर कांग्रेस ने जताई चिंता, योजना कमजोर करने का सरकार पर आरोप

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: मनरेगा योजना को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जौनपुर कांग्रेस कमेटी ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण रोजगार गारंटी योजना को धीरे-धीरे कमजोर करने का प्रयास कर रही है। इसी के विरोध में कांग्रेस ने “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत आंदोलन की घोषणा की है।
यह बातें कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने रविवार को शहर के एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण भारत में गरीबों, मजदूरों और महिलाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार का आधार रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की नीतियों के कारण इस कानून की मूल भावना को नुकसान पहुंच रहा है।
डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने कहा कि मनरेगा की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार द्वारा की गई थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों को हर वर्ष न्यूनतम 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित करना था। कांग्रेस का मानना है कि इस योजना के नाम, स्वरूप या क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार का बदलाव सीधे तौर पर गरीबों और श्रमिकों के संवैधानिक अधिकारों पर चोट है।
उन्होंने आशंका जताई कि यदि मनरेगा को कमजोर किया गया, तो ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर पलायन बढ़ेगा, जिससे सामाजिक और आर्थिक असंतुलन पैदा होगा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस मुद्दे को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगी और जरूरत पड़ी तो सड़क से संसद तक आवाज उठाई जाएगी।
प्रेस वार्ता को शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष आरिफ खान और मनरेगा बचाओ संग्राम के कोऑर्डिनेटर डॉ. राकेश मिश्रा (मंगला गुरु) ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मनरेगा जैसी योजनाएं केवल रोजगार ही नहीं देतीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करती हैं।
इस मौके पर प्रदेश संगठन प्रभारी राकेश मिश्रा, अनिल दूबे आज़ाद, शैलेंद्र यादव, ललित चौरसिया, धीरज उपाध्याय सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मनरेगा के संरक्षण और मजबूती की मांग की।






