उत्तराखंड

भारत माता को सुरक्षित करने का संकल्प लें : मुख्यमंत्री

गुवाहाटी । मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा ने अपील की है कि आज विभाजन विभीषिका दिवस पर हम भारत माता को सुरक्षित करने का संकल्प लें। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुस्लिम लीग द्वारा विभाजन के मौके पर किए गए अमानवीय और बर्बर कृत्यों को याद करते हुए हम सभी यह संकल्प लें कि भारत माता को और अधिक खंडित हम नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री ने ये बातें आज राजधानी के माछखोवा स्थित प्रागज्योतिष आईटीआई सेंटर में आयोजित विभाजन विभीषिका दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आज विभाजन विभीषिका दिवस का पालन इसलिए नहीं करते कि हम पाकिस्तान से नफरत करें। बल्कि, इस दिवस के जरिए हम याद रखें कि किस प्रकार क्रूर और अमानवीय तरीके से विभाजन के दौरान भारत और पाकिस्तान में हिंदू, क्रिश्चियन और सिख समुदाय के लोगों पर अत्याचार किए गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह भुला नहीं जाता कि किस प्रकार हमारी माताओं और बहनों की इज्जत की धज्जियां उड़ाई गई थीं। हम विभाजन की वेदना कभी नहीं भूल सकते। 800 वर्षो की गुलामी के बाद आखिरकार हमें 15 अगस्त को खंडित स्वाधीनता मिली। लेकिन, 14 अगस्त का दिन हमारे लिए अंधकार का दिन था क्योंकि देश का विभाजन हो चुका था और पाकिस्तान में हमारे लोगों के साथ बर्बरता की जा रही थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब और दिल्ली आदि इलाकों में विभाजन के मौके पर हुए हिंसा के शिकार लोगों की सेवा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्कालीन कार्यकर्ताओं ने जी-जान लगाकर की थी। हमें उसे याद रखते हुए उन्हीं भावनाओं के साथ सेवा निरंतर करते रहना होगा।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने 12वीं सदी में मोहम्मद गोरी द्वारा किये गए आक्रमण के बाद दास वंश, मोहम्मद खिलजी, तुगलक, बाबर वंश और उसके बाद अंग्रेज के शासनकाल का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ सौ वर्षों की लंबी गुलामी के बावजूद हमने कभी भी देश को गुलाम नहीं समझा और हमारी लड़ाई जारी रही। यही वजह थी कि हमें आखिरकार 15 अगस्त 1947 को विदेशी शासकों के चंगुल से आजादी मिली।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के खिलाफत आंदोलन, असहयोग आंदोलन तथा उनकी राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति की भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बातों को उद्धृत करते हुए कहा कि महात्मा गांधी की हत्या को हम कभी भूल नहीं सकते हैं और उनके हत्यारे को हम कभी माफ नहीं कर सकते हैं।

इससे पहले आज सुबह बड़ी संख्या में पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भवेश कलिता के नेतृत्व में शुक्रेश्वर घाट से माछखोवा आईटीए सभागार तक मौन रैली निकाली गई। आज के कार्यक्रम के इस मौके पर माछखोवा सभागार के सामने 1947 के उस काला अध्याय के कुछ दृश्यों को जनता के लिए प्रदर्शित किया गया।

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