6 दिवसीय समर कैंप में बच्चों ने किया विभिन्न गतिविधियों का अभ्यास
आदिशक्ति मां पाटेश्वरी पब्लिक स्कूल में चल रहे 6 दिवसीय ग्रीष्मकालीन निःशुल्क शिविर का शनिवार को समापन किया गया

जन एक्सप्रेस/बलरामपुर: जानकारी के अनुसार 31 मई को आदि शक्ति मां पाटेश्वरी पब्लिक स्कूल तुलसीपुर में चल रहे समर कैंप का आज छठवां व अंतिम दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। छह दिवसीय कैंप विद्यार्थियों के लिए एक यादगार और लाभकारी अनुभव रहा, जिसमें उन्होंने सीखते हुए मनोरंजन का भी भरपूर आनंद लिया। विद्यार्थियों को समूहों में बांटकर संवादात्मक और सहभागितापूर्ण वातावरण तैयार किया गया। जिसमें उन्होंने अपने विचारों को साझा करने का अभ्यास किया। समर कैंप के दौरान छात्रों ने योग, ज़ुम्बा, डांस, सिंगिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट, इनडोर गेम्स तथा अंग्रेज़ी बोलने की कक्षाओं में सक्रिय रूप से भाग लिया। इन सभी गतिविधियों को विद्यालय के प्रधानाचार्य के मार्गदर्शन में तथा सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं की निगरानी में संचालित किया गया। कैंप के अंतिम दिन छात्र-छात्राओं के चेहरों पर सीखने की खुशी और विदाई का उत्साह साफ झलक रहा था। बच्चों ने इस अवसर पर विभिन्न प्रस्तुतियाँ भी दीं और अपने अनुभव साझा किए। कई छात्र-छात्राओं ने कहा कि यह कैंप न केवल मज़ेदार रहा बल्कि इससे उन्हें आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मकता भी सीखने को मिली। योग और ज़ुम्बा से जहाँ विद्यार्थियों ने फिटनेस और मानसिक एकाग्रता को महसूस किया, वहीं क्राफ्ट और आर्ट ने उनकी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से व्यक्त करने का मंच दिया। अंग्रेज़ी बोलने की कक्षाओं ने बच्चों को नई भाषा में आत्मविश्वास से बोलने के लिए प्रेरित किया। कला और संस्कृति के क्षेत्र में बच्चों को पारंपरिक कलाओं जैसे पेपर मैश, मिट्टी कला, मेंहदी, रंगोली, लोकगीत, लोकनृत्य और रंगमंच जैसी गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिला। इन सत्रों का उद्देश्य उनकी रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना और सांस्कृतिक विरासत से जोड़े रखना है। इसके अतिरिक्त, पर्यावरण संरक्षण, बागवानी, जल-संरक्षण और हरियाली जैसे विषयों पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ डी पी सिंह ने समापन अवसर पर सभी छात्र-छात्राओं की सराहना की और शिक्षकों को सफल आयोजन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर छात्रों के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। विद्यालय हो या इस तरह के कोई भी गतिविधि हम विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ संस्कार भी देते है। भविष्य में भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने ग्रीष्मावकाश के बचे समय को सदुपयोग करने तथा अपूर्ण कार्यों को पूर्ण करने हेतु भी निर्देशित किया। समर कैंप का यह अंतिम दिन, बच्चों के लिए नई ऊर्जा, अनुभव और यादों से भरा रहा जिसे वे लंबे समय तक संजो कर रखेंगे ।






