उत्तर प्रदेशउरई

चिरपुरा खंड संचलक के गुर्गे प्रशासन की आंखों में झोंक रहा धूल

नदी की जलधारा में पोकलैंड मशीनों उतारकर कर रहा खनन - एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ाकर पर्यावरण को पहुंचा रहा नुकसान

जन एक्सप्रेस /उरई। कालपी तहसील के चिरपुरा मौरंग खंड संख्या 2 में योगी सरकार के नियमों को तोड़ने का कार्य बदस्तूर जारी है, यह किसके इशारे पर किया जा रहा है इसकी जानकारी खनिज विभाग के ही पास हो सकती है। इसके अलावा प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने का काम भी ठेकेदार के गुर्गों द्वारा किया जा रहा। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के निवासी अजय पाल सिंह परमार उक्त खंड को संचालित कर रहे है, इन्हीं ने कुछ भाड़े के ठेकेदारों तैयार किए है जो मौजूदा समय में चिरपुरा मौरंग खंड के संचालन को अपने हाथों में लिए है इनके द्वारा वेतवा नदी की बीच जलधारा से अवैध पोकलैंड मशीन लगाकर खनन किया जा रहा है। जबकि नदी में पोकलैंड मशीन का मानक है, इस मानक को दरकिनार कर माफिया नदी की जलधारा में हैवी मशीनों का प्रयोग कर रहा है। चिरपुरा मौरंग खंड में नदी की धारा को एक छोर से दूसरे छोर पर कर दिया गया है, जबकि शासन ने राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण की गाइड लाइन का पालन करते हुए नदी में खनन करने के नियम तय किए है। उन्हीं के अनुसार नदी के तल से खनन होना चाहिए पर ठेकेदारों के गुर्गों द्वारा ऐसा नहीं किया जा रहा है। इसी प्रकार नदी के तल से तीन मीटर की गहराई तक खनन किया जा सकता है। जिससे नदी में पल रहे जीव जंतु को नुकसान न पहुंचे लेकिन कुछ अवैध ठेकेदारों के हाथों में खनन कार्य आने के बाद इस नियम को भी कूड़ेदान की टोकरी में फेक दिया और दो-दो हैवी मशीनों से मौरंग निकालकर नदी के संतुलन को बरकरार रखने वाले जीवजंतु बेमौत मारे जा रहे है। इसके साथ साथ अपराध की दुनियां से कुछ अराजकतत्वों का विचरण भी मौरंग खंड पर हो रहा है, जिनके पास अवैध असलहों का जखीरा होता है। जो मौरंग खंड चिरपुरा में इस्तेमाल किए जा रहे है दिन में इन असलहों को मौरंग में गाड़ दिया जाता है और रात होते ही मौरंग खंड की सुरक्षा की जिम्मेदारी इन्हीं असलहों की होती है। हालांकि प्रशासन की पैनी नजर है जैसे ही सूचना प्राप्त हुई कार्रवाई में देरी नहीं होगी, ऐसे अराजकतत्वों पर पुलिस की भी नजर होती है सटीक सूचना पर ऐसे लोगों की धरपकड़ जरूर होगी। वहीं जिला खनिज अधिकारी शनि कौशल से बात की तो उन्होंने कहा है कि सूचना प्राप्त हुई है कि उक्त खंड में कुछ गलत हो रहा है, इसकी जल्द जांच की जाएगी।

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