चित्रकूट रिश्वत कांड: 90 हजार लेकर ट्रक छोड़े, प्रभारी लाइन हाजिर—लेकिन ‘कारखास’ पर चुप्पी क्यों?

जन एक्सप्रेस/चित्रकूट: चित्रकूट के कर्वी सदर कोतवाली क्षेत्र में कथित रिश्वत कांड ने पुलिस महकमे को कठघरे में खड़ा कर दिया है। दो ओवरलोड ट्रकों को 90 हजार रुपये लेकर छोड़े जाने के आरोप में कोतवाली प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है, लेकिन पूरे मामले में अब भी कई सवाल अनुत्तरित हैं।
मामले ने उस वक्त तूल पकड़ा जब ऑनलाइन भुगतान का QR कोड और ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद विभाग में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में कार्रवाई करते हुए प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया।हालांकि, इस पूरे प्रकरण में नाम सामने आने वाले कारखास कांस्टेबल नीशू द्विवेदी पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जांच एकतरफा की जा रही है और जिम्मेदारों को बचाने की कोशिश की जा रही है।जनता के बीच यह चर्चा तेज है कि क्या केवल एक अधिकारी पर कार्रवाई कर मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोशिश हो रही है, या फिर पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाएगी।यह मामला पुलिस की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या जांच एजेंसियां पूरे मामले की गहराई तक जाएंगी या फिर यह कार्रवाई महज औपचारिकता बनकर रह जाएगी।







