सीएम योगी की पीएम मोदी से लंबी मुलाकात, मंत्रिमंडल फेरबदल के संकेत तेज
एक घंटे की वार्ता में यूपी कैबिनेट विस्तार और विभागीय बदलावों पर मंथन, मकर संक्रांति के बाद संभावित ऐलान

जन एक्सप्रेस/लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में बड़े बदलावों के संकेत मिलने लगे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब एक घंटे तक मुलाकात की। इस मुलाकात को महज शिष्टाचार भेंट नहीं माना जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि बैठक के दौरान आगामी मंत्रिमंडल फेरबदल और विस्तार को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। मकर संक्रांति के बाद कैबिनेट विस्तार की संभावनाएं प्रबल मानी जा रही हैं।
सीएम योगी की पीएम मोदी से यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब प्रदेश में संगठनात्मक संतुलन और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर भाजपा हाईकमान सक्रिय है। सूत्र बताते हैं कि बैठक में प्रदेश सरकार के प्रदर्शन, लंबित विभागीय मसलों और कुछ मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा भी की गई।
विधायकों की बढ़ी उम्मीदें
पीएम से मुलाकात की खबर सामने आते ही यूपी भाजपा के कई विधायकों की उम्मीदें एक बार फिर जाग गई हैं। लंबे समय से मंत्रिमंडल विस्तार की प्रतीक्षा कर रहे विधायक दिल्ली की दौड़ लगाने लगे हैं। कई विधायक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय नेतृत्व से संपर्क साधने में जुट गए हैं। माना जा रहा है कि नए चेहरों को मौका देने के साथ-साथ क्षेत्रीय और जातीय संतुलन साधने की भी कोशिश होगी।
जातीय संतुलन सबसे बड़ी चुनौती
भाजपा हाईकमान के सामने यूपी में जातीय संतुलन बैठाना सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट में विभिन्न सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा सकता है। पूर्वांचल, पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड से प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर भी विचार चल रहा है।
बड़े मंत्रियों के विभाग बदलने की आशंका
मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं के बीच कुछ बड़े मंत्रियों में भी हलचल है। माना जा रहा है कि कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के विभागों में बदलाव हो सकता है। जिन विभागों के कामकाज को लेकर शिकायतें रही हैं, वहां बदलाव की संभावना ज्यादा जताई जा रही है। इससे प्रशासनिक स्तर पर भी सक्रियता बढ़ गई है।
संगठन से भी बढ़ा संवाद
सीएम योगी ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) बीएल संतोष के करीबी माने जाने वाले नितिन नवीन से भी मुलाकात का समय मांगा है। इससे साफ है कि सरकार और संगठन के बीच समन्वय को और मजबूत करने की कवायद चल रही है।
डिप्टी सीएम की भी सक्रियता
उधर, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की है। इस मुलाकात को भी मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में दिल्ली में यूपी से जुड़े नेताओं की सक्रियता और बढ़ेगी।
कुल मिलाकर, सीएम योगी और पीएम मोदी की मुलाकात ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। अब सबकी निगाहें मकर संक्रांति के बाद होने वाले संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल पर टिकी हैं।






