श्रीकृष्ण जन्मभूमि से सीएम योगी का राष्ट्र को संदेश: धर्म पथ पर चलें, राष्ट्र मंगल में भागीदार बनें
जन्माष्टमी पर मथुरा पहुंचे मुख्यमंत्री, सनातन धर्म की रक्षा और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण पर दिया जोर

जन एक्सप्रेस लखनऊ:जय श्री राधे’ के जयकारों से गूंजा परिसर, योगी ने किए ठाकुर केशवदेव के दर्शन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर दर्शन-पूजन कर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने धर्म, लोकमंगल और राष्ट्र निर्माण के समन्वय पर जोर देते हुए सनातन धर्म की परंपरा और विरासत को आधुनिक विकास से जोड़ने की बात कही।
ब्रजभूमि को बताया आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ब्रजभूमि केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि 5000 वर्षों से भी अधिक पुरानी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और लीलाओं से प्रेरणा लेकर आज के भारत को एक सशक्त, समर्पित और संस्कारित राष्ट्र बनाना हमारा दायित्व है। सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार मथुरा, वृंदावन, गोकुल, बरसाना, राधाकुंड, गोवर्धन व बलदेव जैसे धार्मिक स्थलों के पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण के लिए संकल्पबद्ध है। उन्होंने बताया कि पिछले आठ-नौ वर्षों से वे जन्माष्टमी व रंगोत्सव जैसे कार्यक्रमों में नियमित रूप से शामिल होते रहे हैं।
ब्रज तीर्थ विकास परिषद को बताया परिवर्तन की धुरी मुख्यमंत्री ने ब्रज तीर्थ विकास परिषद के कार्यों की सराहना की और कहा कि परिषद जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में ब्रज क्षेत्र को विकास की नई ऊँचाइयों की ओर ले जा रही है। उन्होंने कहा कि यह हमारा कर्तव्य है कि हम धार्मिक विरासत को आधुनिक विकास से संतुलित रूप में जोड़ें।
धार्मिक जयघोषों से जोड़ा जनमानस सीएम योगी ने अपने संबोधन के अंत में श्रद्धालुओं के साथ मिलकर केशव देव महाराज की जय” कृष्ण कन्हैया की जय”, “श्री राधे रानी की जय”, “भारत माता की जय” जैसे जयघोष लगाए, जिससे पूरा परिसर भक्ति, उत्साह और राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत हो गया।
सांस्कृतिक विरासत को नया जीवन देने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार धर्म, संस्कृति और विकास के त्रिकोणीय मॉडल पर काम कर रही है, जिसमें आस्था के साथ-साथ पर्यटन और रोजगार की अपार संभावनाएं भी जुड़ी हैं।






