उपनल कर्मचारियों के नए अनुबंध पत्र पर भड़की कांग्रेस, सूर्यकांत धस्माना बोले- ‘यह काला कानून और धोखा है’

जन एक्सप्रेस/ देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने उपनल (UPNL) कर्मचारियों को दिए जा रहे नए अनुबंध पत्र (कॉन्ट्रैक्ट लेटर) को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कार्मिक विभाग द्वारा 10 साल की सेवा पूरी करने वाले उपनल कर्मचारियों को जो नया अनुबंध पत्र थमाया गया है, वह वास्तव में एक “काला कानून” है।
धस्माना ने यह बात आज अपने कैंप कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार वार्ता (मीडिया से बातचीत) के दौरान कही। उन्होंने कहा कि यह कदम कर्मचारियों के अधिकारों को कुचलने और उनके भविष्य को बंधक बनाने की एक सोची-समझी तैयारी है।
“यह धामी सरकार की निरंकुश और तानाशाही सोच”
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने तीखे शब्दों में कहा कि यह अनुबंध पत्र धामी सरकार की दमनकारी, निरंकुश और तानाशाही सोच का आईना है। यह किसी लोकतांत्रिक सरकार का नहीं, बल्कि एक शोषणकारी तंत्र का प्रतीक है।
नए अनुबंध पत्र की शर्तों पर धस्माना ने उठाए गंभीर सवाल:
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समान वेतन की मांग दबाना: “समान कार्य के बदले समान वेतन” की जायज मांग को इस अनुबंध के जरिए पूरी तरह से दबाने की कोशिश की गई है।
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नौकरी जाने का डर: कर्मचारियों को हर समय अनुबंध और पद परिवर्तन का डर दिखाकर मानसिक तौर पर असुरक्षित किया जा रहा है।
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ग्रेच्युटी और अन्य लाभों से वंचित: इस अनुबंध के माध्यम से सामान्य वर्गीकरण के अलावा ग्रेच्युटी जैसे सभी समान लाभों को छीनने का षड्यंत्र रचा गया है।
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अचानक बर्खास्तगी का डर: बीमारी या तथाकथित “अयोग्यता” के नाम पर कभी भी नौकरी खत्म करना और एक महीने की नोटिस पर बाहर करने जैसी शोषणकारी शर्तें इसमें शामिल हैं।
डरा-धमका कर कराए जा रहे हैं साइन
धस्माना ने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर उपनल कर्मचारियों से दबाव में इस दस्तावेज पर हस्ताक्षर करवाए जा रहे हैं ताकि भविष्य में वे कानूनी रूप से कोई दावा न कर सकें और जब चाहे उनकी नौकरी छीनी जा सके।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार द्वारा उपनल कर्मियों के नियमितीकरण को लेकर बार-बार किए गए वादे अब पूरी तरह से झूठे साबित हो चुके हैं। यह सिर्फ वादाखिलाफी नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के सपनों और अधिकारों के साथ निर्मम धोखा है।
उपनल कर्मचारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेगी कांग्रेस
सूर्यकांत धस्माना ने इस ”काले अनुबंध” के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराते हुए स्पष्ट किया कि वे और पूरी प्रदेश कांग्रेस उपनल कर्मचारियों के साथ मजबूती से खड़ी है। इस अन्याय के खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब यह लड़ाई सिर्फ उपनल कर्मचारियों की नहीं, बल्कि न्याय, सम्मान और रोजी-रोटी की लड़ाई है।






