महाविद्यालयों में पढ़ रही बेटियों को मिलेगी मुफ्त परिवहन सुविधा

जन एक्सप्रेस/ उत्तराखंड: उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने घोषणा की है कि प्रदेश सरकार अब महाविद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं के आने-जाने का पूरा खर्च उठाएगी। उनका कहना है कि सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पहाड़ और मैदानी दोनों क्षेत्रों की बेटियां उच्च शिक्षा से वंचित न रहें।
डॉ. रावत ने बताया कि इस योजना को लागू करने के लिए प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट में रखा जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशक वी. एन. खाली ने कहा कि प्रतिभाशाली छात्राएं केवल परिवहन की असुविधा के कारण पढ़ाई बीच में न छोड़ें, इसी उद्देश्य से यह पहल की जा रही है। प्रस्ताव के लागू होने पर छात्राओं की कक्षाओं में उपस्थिति बढ़ेगी और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। फिलहाल प्रदेश के सरकारी महाविद्यालयों में छात्राओं की संख्या लगभग 70 प्रतिशत है, जो छात्रों की तुलना में कहीं अधिक है।
स्कूल स्तर पर साइकिल योजना पहले से जारी
सरकार पहले ही नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्राओं को मुफ्त साइकिल उपलब्ध करा रही है। मैदानी इलाकों में पढ़ने वाली बेटियों के खातों में इसके लिए 2850 रुपये भेजे जा रहे हैं। वहीं, पर्वतीय क्षेत्रों की छात्राओं को इसी राशि की एफडी उनके नाम से दी जा रही है।
प्रदेश के महाविद्यालयों की स्थिति
वर्तमान में प्रदेश में पाँच राज्य विश्वविद्यालय, 26 निजी विश्वविद्यालय, 118 सरकारी और 244 निजी महाविद्यालय हैं। इसके अलावा 21 सहायता प्राप्त महाविद्यालय भी संचालित हो रहे हैं। छात्राओं के लिए 25 छात्रावास बनाए जा चुके हैं ताकि उन्हें रहने की परेशानी न हो। अब सरकार उनके कॉलेज आने-जाने की चिंता भी खुद उठाने जा रही है। डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया कि यह कदम शिक्षा में बेटियों की भागीदारी को और मजबूत करेगा और उन्हें निर्बाध रूप से आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करेगा।






