देहात कोतवाली इंचार्ज व उनकी टीम पर डकैती का आरोप
मिशन ईगल के नाम पर घर में छापा।छापे के दौरान ७०हजार रूपए मिले वो भी ले गयी पुलिस

जन एक्सप्रेस/बांदा आपको बताते चलें कि दिनांक 9 अक्टूबर की रात देहात कोतवाली इंचार्ज व उनकी टीम ने गूंगा उर्फ मून्नू पुत्र कल्लू निवासी एनर्जी गांर्डेन के सामने बबेरू रोड़ के घर रात १० बजे के बाद तीन किलो गांजा छिपा होने की सूचना पर छापा मार पहले गूंगा उर्फ मून्नू को अंदर ले जाकर पीटा और फिर गाड़ी में बैठा दिया और अंदर बच्चों के साथ सो रही गूंगा की पत्नी को भी किसी दरोगा ने कान में थप्पड़ मारा और पूरे घर का सामान भी तोड़ फोड़ दिया और गूंगा के भैस बेंच और कुछ निजी रखे करीब साठ से सत्तर हजार रूपए व मेरी पत्नी के निजी बक्शे में रखे हजार बारह सौ रुपए व मेरे बच्चों के गोलक के रूपये भी पुलिस साथ ले गयी और मैं गंजेडी हूं थोड़ा गांजा भी करीब सौ ग्राम जो मेरे पीने के लिए था वो भी साथ ले गयी व मुझे बचाने आऐ मेरे बड़े भाई को भी साथ पकड़ ले गयी।
और रातभर मुझे थाने में मारा सुबह मेरे घरवाले परेशान हुऐ जुगाड़ लगाते हुए व गूंगा की पत्नी द्वारा पुलिस अधीक्षक को डकैती की सूचना दिऐ जाने का भय दिखाऐ जाने पर गूंगा व उसके भाई को चालिस हजार रूपए देने की शर्त पर बिना किसी चालान के छोड़ दिया।डरा हुआ गूंगा घर आकर उधार रूपये ले थानेदार साहब का वादा पूरा किया। ऐसा आरोप गूंगा व उसकी पत्नी रानी व उसकी भतीजी ने लगाया है। वहीं पास में रह रहे गूंगा के भाई व उसके घर की महिलाओं ने भी गाली गलौज व अभद्रता करने का आरोप लगाया है।और अगर ये सारे आरोप जांच में सही साबित हुऐ तो पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल को किस तरह की कार्यवाही करनी चाहिए जिससे पूरे प्रदेश की पुलिस के लिए एक मिशाल बने। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल अपनी स्पष्ट शख्त ईमानदार व मृदुल छवि के लिए जाने जाते हैं। लेकिन उनकी टीम में शामिल कुछ दागदार पुलिस कर्मी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। जहां बड़े से बड़े अफसर पुलिस की छवि बनाने के लिए दिन-रात एक कर मेहनत कर रहे हैं वहीं ऐसे भ्रष्ट पुलिस कर्मी उनकी छवि को धूमिल कर रहे हैं। और सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के मंसूबों पर पानी फेर रहे हैं। वही जब इस मामले को लेकर अपर एसपी से बात करना चाहा तो उन्होंने टेलीफोन नहीं उठाया।






