उत्तर प्रदेशचित्रकूट

स्वास्थ्य व्यवस्था की मांग करना जुर्म है? पोस्टर हटे… अब जनता बोलेगी- प्रिंस

चित्रकूट की बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रिंस मोबाइल ने बजाया बिगुल — 13 नवंबर को डीएम को सौंपेंगे ज्ञापन, बोले ‘गरीबी का दर्द मैंने खुद झेला है, अब आवाज़ बनूंगा आम लोगों की’।

जन एक्सप्रेस चित्रकूट।(हेमनारायण हेमू):चित्रकूट जिले में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।युवा समाजसेवी प्रिंस मोबाइल ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बड़ा ऐलान किया है।उन्होंने कहा है कि 13 नवंबर को सामूहिक रूप से जिला अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा,जिसमें चित्रकूट जिला रेफर सेंटर को लेकर जनता की पीड़ा और बदहाल व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी।प्रिंस मोबाइल ने साफ कहा चित्रकूट को अब रेफर सेंटर नहीं, ट्रीटमेंट सेंटर बनाया जाए।यहां के लोगों को बाहर रेफर करना बंद हो, जिले में डॉक्टरों की तैनाती हो।

चित्रकूट में इलाज नहीं, सिर्फ रेफर – अब और नहीं!’

प्रिंस मोबाइल लगातार सोशल मीडिया से लेकर ग्राउंड लेवल तक स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा को लेकर आवाज़ उठा रहे हैं।उनका कहना है कि चित्रकूट में मरीजों को इलाज नहीं, सिर्फ रेफर किया जाता है। आखिर यह जिला उत्तर प्रदेश का हिस्सा नहीं है क्या? फिर यहां के नागरिकों को लखनऊ या प्रयागराज भेजने की मजबूरी क्यों?”

मैंने गरीबी देखी, दर्द झेला, अब जनता के लिए लड़ूंगा’

भावनाओं से भरे प्रिंस मोबाइल ने बताया कि उनकी यह लड़ाई व्यक्तिगत नहीं,बल्कि हर उस गरीब परिवार की है जिसे इलाज के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर भागना पड़ता है।उन्होंने कहा —जब मेरे पिता बीमार थे, मैं दर-दर भटका।
लखनऊ तक गया लेकिन सही इलाज नहीं मिला।मेरी मां रात में बीमार हुईं, और चित्रकूट में इलाज संभव नहीं था।अगर मैं प्रयागराज या लखनऊ जाता, तो 3 घंटे लग जाते। तब मैंने ठान लिया – अब चित्रकूट में इलाज होगा, नहीं तो आवाज़ उठेगी।”

पोस्टर हटाए गए, लेकिन जज़्बा नहीं टूटा

प्रिंस ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने के लिए जनता की मांगों वाले होर्डिंग्स शहरभर में लगवाए,तो प्रशासन ने “तानाशाही रवैया” अपनाते हुए सभी पोस्टर जब्त करा दिए। प्रिंस का कहना है —क्या चित्रकूट के अस्पताल की मांग करना गैरकानूनी है? मैं व्यापारी हूं, समाजसेवक हूं — लेकिन अगर आवाज़ उठाने की सज़ा होर्डिंग्स हटाना है, तो मैं सड़कों पर भी उतरूंगा।प्रिंस मोबाइल ने जिले के ग्रामीणों, युवाओं और सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे 13 नवंबर को जिला मुख्यालय पहुंचें और डीएम को सामूहिक ज्ञापन सौंपने में सहयोग करें।उन्होंने कहा —अब चुप्पी नहीं चलेगी।चित्रकूट को अब सिर्फ रेफर सेंटर नहीं रहने दिया जाएगा। यहां इलाज की सुविधा, विशेषज्ञ डॉक्टर और आधुनिक उपकरण चाहिए।प्रिंस मोबाइल जैसी आवाज़ें ही आज के समय में सच्चे बदलाव की उम्मीद हैं।कई लोगों ने कहा कि “सरकार आए और जाए, लेकिन चित्रकूट की सेहत नहीं सुधरती। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि प्रशासन को अब जनता की आवाज़ अनसुनी नहीं करनी चाहिए।

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