UGC कानून के विरोध में सवर्ण आर्मी का प्रदर्शन, जौनपुर कलेक्ट्रेट में सौंपा गया ज्ञापन

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए UGC कानून को लेकर देशभर में विरोध की आवाज़ें उठने लगी हैं। इसी क्रम में मंगलवार को जौनपुर जनपद में सवर्ण आर्मी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए इस कानून को “काला कानून” करार दिया और इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
सवर्ण आर्मी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि नया UGC कानून छात्रों के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। यह नीति उच्च शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करेगी और गरीब व मध्यम वर्ग के छात्रों के लिए शिक्षा को और अधिक कठिन बना देगी। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और विशेष रूप से भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सवर्ण आर्मी के प्रदेश महासचिव प्रवीण तिवारी ने कहा कि “आज सवर्ण समाज ने भाजपा को अपने खून-पसीने से सींचा है, लेकिन वही पार्टी अब सवर्णों के हितों की अनदेखी कर रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग खुद को सवर्ण समाज का नेता बताते हैं, वे केवल सत्ता और स्वार्थ के लिए चुप्पी साधे हुए हैं।
प्रवीण तिवारी ने कहा कि “इन तथाकथित सवर्ण नेताओं के बच्चे, बहनें और परिवार के लोग विदेशों में पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें देश के छात्रों की शिक्षा नीति से कोई सरोकार नहीं है।” उन्होंने सवाल उठाया कि जब देश के करोड़ों छात्र शिक्षा संकट से जूझ रहे हैं, तब सरकार और उसके समर्थक नेता मौन क्यों हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे किसी राजनीतिक दल के नेता नहीं हैं, बल्कि एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कहा, “मैं किसी पार्टी से जुड़ा नहीं हूँ, लेकिन जो भी सवर्ण समाज और छात्रों के भविष्य के खिलाफ काम करेगा, उसका मैं खुलकर विरोध करूंगा।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक पुराने बयान का जिक्र करते हुए प्रवीण तिवारी ने कहा कि “झोला लेकर चल देने वाले नेताओं पर क्या भरोसा किया जाए। आज कोई नीति बनाई जाती है और कल उसे बदल दिया जाता है। ऐसी अस्थिर नीतियों का खामियाजा देश के छात्र भुगतते हैं।”
उन्होंने हाल ही में BHU (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) परिसर में कथित तौर पर ब्राह्मण विरोधी नारों और दीवारों पर लिखे गए आपत्तिजनक शब्दों पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। प्रवीण तिवारी ने कहा कि “जो छात्र इस तरह की हरकतें कर रहे हैं, उन्हें यह याद रखना चाहिए कि BHU की नींव एक ब्राह्मण—महामना पंडित मदन मोहन मालवीय—ने रखी थी। आज उसी संस्थान में ब्राह्मणों को हटाने की बातें की जा रही हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।”
उन्होंने कहा कि शिक्षा के मंदिरों में जातिगत नफरत फैलाना देश और समाज दोनों के लिए घातक है। सवर्ण आर्मी इस तरह की सोच का विरोध करती रहेगी और आवश्यकता पड़ी तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने UGC कानून वापस लो, छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो, सवर्ण समाज के साथ न्याय करो जैसे नारे लगाए। बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा, हालांकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
अंत में सवर्ण आर्मी ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस कानून पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आने वाले समय में प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।






