उत्तराखंड निवेश में ऐतिहासिक छलांग: धामी सरकार मनाएगी एक लाख करोड़ की ग्राउंडिंग का उत्सव
देश में पहली बार निवेश की वास्तविक प्रगति को सार्वजनिक रूप से दिखाने जा रहा है कोई राज्य

जन एक्सप्रेस/उत्तराखंड : निवेश के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई वाली राज्य सरकार अब तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को धरातल पर उतार चुकी है। इसी उपलब्धि को ऐतिहासिक रूप देने के लिए शनिवार, 20 जुलाई को रुद्रपुर के स्पोर्ट्स स्टेडियम में ‘उत्तराखंड निवेश उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है।
मुख्य अतिथि होंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
इस आयोजन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी करेंगे। दोपहर 12 बजे से शुरू होने वाले इस समारोह में निवेशकों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी रहेगी।
निवेश की पारदर्शिता और सफलता का राष्ट्रीय उदाहरण
यह पहली बार है जब किसी राज्य सरकार ने केवल एमओयू साइन करने तक सीमित न रहते हुए, निवेश की वास्तविक ग्राउंडिंग पर सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया है। सरकार का मकसद है कि निवेश की सफलता को जनता के सामने रखा जाए और अन्य संभावित निवेशकों को प्रोत्साहित किया जाए।
दिसंबर 2023 में हुए थे 3.57 लाख करोड़ के एमओयू
देहरादून में दिसंबर 2023 को आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान कुल 3,57,693 करोड़ रुपये के 1779 एमओयू साइन किए गए थे। अब तक इनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं, जिससे राज्य में 81,000 से अधिक रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
विभागवार निवेश और रोजगार आंकड़े
- ऊर्जा – ₹1,03,459 करोड़ | 157 एमओयू | अनुमानित रोजगार: 8,472
- उद्योग – ₹78,448 करोड़ | 658 एमओयू | रोजगार: 44,663
- आवास – ₹41,947 करोड़ | 125 एमओयू | रोजगार: 5,172
- पर्यटन – ₹47,646 करोड़ | 437 एमओयू | रोजगार: 4,694
- उच्च शिक्षा – ₹6,675 करोड़ | 28 एमओयू | रोजगार: 4,428
- अन्य क्षेत्र – ₹79,518 करोड़ | 374 एमओयू | रोजगार: 13,89
रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा नया आयाम
राज्य सरकार का मानना है कि निवेश की इस ऐतिहासिक ग्राउंडिंग से प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और स्थानीय युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। सरकार की नीति है कि विकास को केवल कागज़ों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसकी जमीनी हकीकत भी दिखाई दे।






