नेपाल में भारतीय पर्यटकों व व्यापारियों की अब और बढ़ेगी मुश्किलें
अब नेपाल लेकर नहीं जा सकेंगे 100 रुपए से अधिक का भारतीय नोट
जन एक्सप्रेस/अशोक उपाध्याय
भारत नेपाल सीमा, बहराइच। भारतीय मुद्रा को लेकर नेपाल सरकार का नया फरमान जारी हो चुका है। अब आप 5000 रुपए से अधिक लेकर नेपाल नहीं जा सकते हैं। सभी नोट ₹100 और उससे छोटे नोटों की शक्ल में होंगे। वहीं बड़े नोटों को लेकर जाने की अब अनुमति नहीं मिलेगी। इसके पीछे कारण यह भी माना जा रहा है कि भारत सरकार ने 2000 के नोटों के प्रचलन पर प्रतिबंध लगा दिया है। 30 सितंबर 2000 के नोटों को बैंकों में जमा करने और बदलने की आखिरी तारीख थी। इससे पूर्व नेपाल राष्ट्र बैंक ने बड़ा फैसला लिया है।
नेपाल जाने पर भारतीय नागरिक अधिकतम 5 हजार और नेपाल से भारत आने वाले नागरिक 25000 रुपए तक ले जा सकते हैं। नेपाल सरकार के नए आदेश के बाद सीमावर्ती बंजारों का कारोबार बड़े पैमाने पर प्रभावित होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इससे भारत नेपाल सीमा क्षेत्र के व्यापारी सकते में है।भारत-नेपाल एक दूसरे के पड़ोसी होने के साथ हीं साथ सामाजिक व धार्मिक रूप से भी एक दूसरे के काफी करीब है। लेकिन हाल के दिनों में नेपाल सरकार द्वारा नये-नये फरमान जारी किए जा रहे हैं। जिससे भारत के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खासकर सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को अधिक परेशान होना पड़ रहा है। अब नेपाल में भारतीय मुद्रा को लेकर नेपाल सरकार द्वारा एक फरमान जारी किया गया है। इस फरमान के बाद भारतीय लोगों में परेशानी की स्थिति बन गई है। नेपाल में जारी की गई अधिसूचना के मुताबिक वहां पांच हजार से ज्यादा रुपये लेकर कोई नहीं जा सकता है। पकड़े जाने पर कार्रवाई हो सकती है।
नेपाल राष्ट्र बैंक की अधिसूचना
बहराइच। नेपाल राष्ट्र बैंक ने भारतीय करेंसी को लेकर नई अधिसूचना जारी कर दी है। नेपाल राष्ट्र बैंक की ओर से जारी अधिसूचना में भारत से नेपाल आते समय भारतीय मुद्रा पांच हजार तक ही लेकर जाने का निर्देश जारी किया गया है। सभी नोट ₹100 या उससे नीचे के नोटों की शक्ल में होंगे। इससे अधिक के नोट ले जाने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया गया है।
अधिसूचना में स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित दर वाले नोट नहीं रखने व नेपाल के अंदर नेपाली मुद्रा में ही लेन देन करने का जिक्र है। इस अधिसूचना में नेपाल सीमा शुल्क कार्यालय को भी आगाह करने की बात कही गई है। अधिसूचना में नेपाल के नागरिकों को भारत आने के लिए 25 हजार रुपये तक नकद लेकर आने की अनुमति है। चिकित्सा कारणों से ये रकम 50 हजार रुपये हो सकती है। नेपाली नागरिक मनी चेंजर से 25 हजार रुपये तक की समान सुविधाओं का लाभ ले सकते हैं।
सीमावर्ती क्षेत्र के बाजार पर प्रभाव
बहराइच। भारत नेपाल के बीच खुला आवागमन है। किसी तरह के वीजा व पासपोर्ट की आवश्यकता नहीं होती। दोनों देशों के सीमा क्षेत्र के लोग एक दूसरे देश में जाकर व्यापार व कारोबार करते रहे हैं। हालात यह है कि सीमावर्ती भारतीय बाजार में नेपाली करेंसी तो नेपाल के बाजार में भारतीय करेंसी का धड़ल्ले से प्रचलन होते आया है।
क्या कहते हैं जानकार
बहराइच। भारत व नेपाल के बीच पुरानी धार्मिक, आध्यात्मिक, आर्थिक, सामाजिक व राजनीतिक संबंध है। जानकारों का कहना है कि नेपाल राष्ट्र बैंक के इस आदेश का दोनों देशों के सीमा क्षेत्र के व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
नेपाल के पर्यटन क्षेत्र में भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है। नेपाल पर्यटन का बड़ा केंद्र है। प्रतिवर्ष सर्वाधिक भारतीय पर्यटक नेपाल जाते हैं। पर्यटकों के माध्यम से नेपाल सरकार को काफी राजस्व मिलता है।
ऐसे में नेपाल आने वाले पर्यटकों को मनी चेंजर के माध्यम से करेंसी को बदलना होगा। इस आदेश के बाद सीमा क्षेत्र में छोटे भारतीय नोटों के कमी होने की संभावना भी प्रबल हो जायेगी। इसका असर व्यापार पर पड़ेगा। इस आदेश के बाद नेपाल व भारतीय सीमा क्षेत्र के कारोबारी परेशान हैं।






