जालौन में खनन माफिया का नंगा नाच, मौन बैठा जिला प्रशासन

जन एक्सप्रेस/उरई: बुंदेलखंड की जीवन रेखा कही जाने वाली बेतवा नदी इस समय खनन सिंडिकेट के खूनी पंजों में झटपटा रही है। कालपी तहसील क्षेत्र के क्योटरा (गाटा सं. 267, 268 खंड संख्या 3) में गिरीश गुप्ता पुत्र स्व. भगवान दास गुप्ता निवासी 126 खत्रयाना नियर मानिक चौक थाना कोतवाली तहसील व जिला झांसी द्वारा कानून और पर्यावरण की जो धज्जियां उड़ाई जा रही है, वह न केवल चिंताजनक है बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवालिया निशान खड़े करती है।
गौरतलब यह है कि एनजीटी (NGT) के सख्त निर्देशों को दरकिनार कर बेतवा की छाती को मशीनों से छलनी किया जा रहा है। नियमों के मुताबिक खनन एक सीमित दायरे में और मैनुअल तरीके से होना चाहिए, लेकिन क्योटरा खंड संख्या 3 में प्रतिबंधित लिफ्ट मशीनों का खुला तांडव जारी है। दिन के उजाले से लेकर रात के अंधेरे तक यह मशीनें नदी की गहराई से बालू निकल रही है। जलधारा के बीच किए जा रहे इस अंधाधुंध दोहन से नदी में 15 से 25 फीट गहरे जानलेवा गड्ढे बन गए हैं, यह गड्ढे आगामी मानसून में स्थानीय ग्रामीण और मवेशियों के लिए जल समाधि साबित हो सकते हैं। सबसे बड़ा सवाल, जिला प्रशासन और खनिज विभाग की भूमिका का है। सोशल मीडिया पर वायरल होते वीडियो साक्ष्य और ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की कुंभकर्णी नींद रहस्यमई बनी है। क्या गिरीश गुप्ता कंपनी को कानून से ऊपर होने की अघोषित छूट मिली है। सैकड़ो ओवरलोड ट्रकों का अवैध परिवहन किसकी शह पर हो रहा है। क्या प्रतिबंधित मशीनों की गूंज तहसील और जिला मुख्यालय तक नहीं पहुंच पा रही है। इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी जालौन सनी कौशल के मोबाइल नंबर पर फोन लगाया गया तो फोन की पूरी घंटी बजाने के बाद फोन नहीं उठाया, साथ ही उनके व्हाट्सएप नंबर पर मैसेज डालकर भी वजन लेने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया। इससे






