दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना पर मंडल स्तरीय कार्यशाला आयोजित
छात्रवृत्ति से निर्धन छात्रों को मिल रही उच्च शिक्षा की राह, अधिकारियों और संस्थाओं को दी गई विस्तृत जानकारी

जन एक्सप्रेस चित्रकूट। समाज कल्याण विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा संचालित दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनान्तर्गत मंडल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन 5 अगस्त 2025 को अष्टावक्र सभागार, जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय में किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता कुलपति शिशिर कुमार पाण्डेय ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में कुलसचिव मुधरेन्द्र पर्वत उपस्थित रहे।
छात्रवृत्ति बनी आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों की शिक्षा का सहारा
कुलपति ने अपने संबोधन में कहा कि निर्धन परिवारों के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है, जो उन्हें आर्थिक बाधाओं के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहायता प्रदान करती है। उन्होंने उपस्थित छात्रों, अधिकारियों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों को योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
योजना की पात्रता और नियमों की दी गई विस्तृत जानकारी
लखनऊ से आए समाज कल्याण निदेशालय के उप निदेशक आनंद सिंह और सहायक निदेशक सिद्धार्थ मिश्रा ने योजना की पात्रता शर्तों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए वार्षिक आय सीमा ₹2.50 लाख तथा सामान्य/पिछड़ा/अल्पसंख्यक वर्ग के लिए ₹2.00 लाख निर्धारित है। निजी शिक्षण संस्थानों के छात्रों के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष, जबकि राजकीय/अनुदानित संस्थानों के डाक्टरेट पाठ्यक्रमों के छात्रों के लिए कोई आयु सीमा नहीं है।
छात्रवृत्ति हेतु 75% उपस्थिति अनिवार्य है।
जिन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता स्नातक है, वहां अनुसूचित जाति के लिए 50% और सामान्य वर्ग के लिए 55% अंक होना आवश्यक है।
संस्थानों की समस्याओं का हुआ समाधान
कार्यशाला में मंडल के विभिन्न जनपदों से आए शिक्षण संस्थानों के प्राचार्य, प्रधानाचार्य और नोडल अधिकारियों द्वारा छात्रवृत्ति संबंधी समस्याएं रखी गईं, जिनका समाधान अधिकारियों द्वारा मौके पर किया गया।
कार्यक्रम में मंडल के सभी जिलों से अधिकारी और छात्र रहे शामिल
कार्यक्रम में चित्रकूटधाम मंडल के उप निदेशक समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, तथा चित्रकूट, बांदा, महोबा व हमीरपुर के जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित कई विभागीय अधिकारी, संस्थाओं के प्रतिनिधि, छात्र/छात्राएं उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन प्रो. हरीकान्त मिश्रा और डॉ. वैभव त्रिपाठी (जिला समाज कल्याण अधिकारी, चित्रकूट) ने किया।






