उत्तरकाशी में घरेलू जल कनेक्शन के व्यावसायिक उपयोग पर डीएम ने सख्त कार्रवाई के दिए निर्देश

जन एक्सप्रेस/उत्तरकाशी: जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने सोमवार को जल संस्थान और पेयजल निगम की पेयजल व्यवस्थाओं की समीक्षा की। गर्मियों में जल स्रोतों के सूखने और घरेलू जल कनेक्शनों के व्यावसायिक उपयोग से संभावित जल संकट के मुद्दों पर उन्होंने गंभीर चर्चा की।
मुख्य निर्देश और निर्णय:
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घरेलू कनेक्शन का व्यावसायिक उपयोग प्रतिबंधित: जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि घरेलू कनेक्शन से व्यवसायिक गतिविधियों में पानी का उपयोग करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
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मुख्य पेयजल योजनाओं से मोटर लगाकर पानी खींचने वालों पर कार्रवाई: ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ भी चालान किए जाएंगे।
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बड़े पेयजल बकायेदारों के खिलाफ आरसी काटने के निर्देश: जिलाधिकारी ने वसूली प्रक्रिया में तेजी लाने और बिलिंग प्रणाली को और अधिक सरल और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
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एकल ग्राम पंचायतों में पेयजल व्यवस्था मजबूत करने की योजना: जिला योजना के माध्यम से पानी की समस्या वाले क्षेत्रों में सुधार की संभावनाओं पर कार्य किया जाएगा।
ट्यूबवेल से मिली राहत:
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ज्ञानसू, गंगोरी, मोरी और पुरोला क्षेत्रों में ट्यूबवेल चालू होने से लोगों को राहत मिली।
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मनेरा और मातली में ट्यूबवेल निर्माण शीघ्र शुरू होगा।
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रवाड़ा में आपदा से क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन के पुनर्निर्माण के लिए जल संस्थान को 1 करोड़ रुपये की धनराशि मिली है।
बैठक में उपस्थित अधिकारी:
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अधिशासी अभियंता जल संस्थान: एलसी रमोला
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ईई पुरोला: विनोद पांडेय
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ईई पेयजल निगम: मधुकांत कोटियाल
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जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी: अतुल आनंद
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि बिलिंग प्रक्रिया सरल और समय पर बिल भुगतान सुनिश्चित करने योग्य हो, जिससे उपभोक्ताओं को आसानी हो और जल संस्थान की वसूली में सुधार हो।






