डीएम ने किसानों को प्राकृतिक व जैविक खेती करने के लिए किया प्रेरित
हरियाली रिजॉर्ट में आयोजित हुआ मिलेट्स/खरीफ खाद्यान्न उत्पादकता गोष्ठी

जन एक्सप्रेस/ संवाददाता
बहराइच। कृषि विभाग के तत्वावधान में लखनऊ रोड स्थित हरियाली रिजॉर्ट में 01 दिवसीय जनपदीय मिलेट्स/खरीफ खाद्यान्न उत्पादकता गोष्ठी, किसान मेला एवं कृषि प्रदर्शनी का डीएम मोनिका रानी ने फीता काटकर शुभारम्भ किया। इसके पश्चात् मेले में लगाये गये कृषि, उद्यान, मत्स्य, रेशम तथा निजी कम्पनियों तथा किसानों द्वारा लगाये गये स्टालों का निरीक्षण किया।किसानों को बीज के किट वितरित किया गया।
डीएम ने एफपीओ गठन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रत्येक नई तकनीकी से जुड़े तथा कलस्टर में खेती करेंगे तो बड़ी-बड़ी कम्पनियां स्वयं उनके दरवाजे पर आकर अच्छा मूल्य देकर उनकी आय में वृद्धि सम्भावित है। नदियों के किनारे रहने वाले किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हाईब्रिड फसले तो अधिक उत्पादन देती है परन्तु उनमें उचित न्यूट्रिऐन्ट नहीं पाया जाता है। कृषकों द्वारा दलहनी फसलों को छुट्टा जानवरों से बचाव के लिए शासन स्तर पर घेरवाड़ की योजना लागू करने पर चर्चा की जा रही है। उन्होंने कटान/बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में बैम्बो(बांस) का पौधरोपण कराने का वन विभाग को निर्देशित किया। जनपद में मिहींपुरवा विकास खण्ड में सब्जियों के साथ हल्दी की खेती की जा रही है। उन्होंने अपेक्षा की कि शहरों के आस-पास निवास करने वाले किसान भाई भी सब्जी एवं हल्दी की खेती कर अधिक आय अर्जित करें। उन्होंने कहा कि मैं भी एक किसान परिवार से हूॅ। शीघ्र ही मैं आपके खेतों में आपके साथ निरीक्षण करूॅगी। खेती में महिला कृषकों का प्रतिशत 50-50 रहता है। मुख्य विकास अधिकारी कविता मीना ने किसान मेले में उपस्थित किसानों का स्वागत करते हुए कहा कि पहले हमारे पूर्वज ज्वार, बाजरा, कोदो, सांवा से बने भोजन करने हेतु प्रेरित करते थे तब हमे श्री अन्न का महत्व नहीं पता था आज हमारे जीवन में श्री अन्न का अत्यन्त महत्व है। इसी लिए इसे सुपरफूड भी कहते है।
अध्यक्ष जिला पंचायत मंजू सिंह के प्रतिनिधि करनवीर सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि जब हम उच्च शिक्षा प्राप्त कर घर आये तो सामने समस्या यह आ रही थी कि रोज-रोज के खर्चो को किससे प्राप्त किया जाय। हमारे पास खेती उपलब्ध थी। जिसमें धान, गन्ना, मछली पालन की खेती करना प्रारम्भ किया। उन्होंने कहा कि 01 रूपये का सागौन का पौधा मिलता है जो 20 वर्ष में 50 हजार रू. का हो जाता है। वृक्ष वातावरण के लिए जरूरी है। जब किसान रहेंगे तभी जय रहेंगे तथा जवान रहेंगे। कम या अधिक खेत मायने नहीं रखता है। तकनीकी खेती करें तथा सागौन, साखू के वृक्ष लगाये जो उनके बुढ़ापे का सहारा बनेगा।
डीडी एग्री कल्चर टीपी शाही ने कहा कि कृषि विभाग द्वारा विभिन्न योजनाएं जैसे प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, सोलरपम्प योजना, कृषि यंत्रीकरण योजना तथा प्रमाणित एवं संकर बीज वितरण की योजना के साथ मिलेट्स की योजना संचालित की जा रही है। जनपद के कृषक उत्पादक संगठनो तथा प्रगतिशील किसानों के माध्यम से ज्वार, बाजरा, कोदो, सांवा (श्री अन्न) का बीज मिनीकिट किसानों को निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे जनपद में मोटे अनाजों का अच्छादन बढ़ रहा है।

जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी एवं अन्य अतिथियों तथा अधिकारियों के साथ कृषि एवं एलाइड क्षेत्रों में अच्छा कार्य कर रही प्रगतिशील महिलाओं, औद्यानिक समितियों को फार्ममशीनरी बैंक तथा कम्बाईन हार्वेस्टर यंत्रो के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र तथा स्वीकृति पत्र प्रदान किया तथा 60 किसानों को कोदो, सांवा, उर्द आदि बीज मिनीकिट का वितरण भी किया। तत्पश्चात् जिलाधिकारी ने विभिन्न कृषि यंत्रों में रीपर कम्बाईन्डर, कम्बाईन हार्वेस्टर तथा औद्यानिक समितियों को अनुदान पर उपलब्ध कराये गये फार्म, मशीनरी बैंक के अन्तर्गत ट्रैक्टर, कृषि यंत्र को मुख्य विकास अधिकारी कबिता मीना व अन्य के साथ हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया।
किसान मेला/किसान गोष्ठी में प्रभारी अधिकारी केबीके के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ केएम सिंह, जिला कृषि अधिकारी सतीश कुमार पाण्डेय द्वारा भी किसानों को कृषि निवेश उपलब्धता तथा वर्तमान खरीफ फसल उत्पादन के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी।
इस अवसर पर भूमि संरक्षण अधिकारी डा. सौरभ वर्मा, एसडीओ सदर उदयशंकर सिंह, कृषि रक्षा अधिकारी प्रियानन्दा, लघु सिंचाई के सहा.अभि. मंशाराम सहित कृषि एवं एलायड विभागों के अधिकारी कर्मचारी, कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरूण राजभर, डॉ. नन्दन सिंह, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. पी.के. सिंह, श्रीमती प्रिया सिंह, जितेन्द्र कुमार शुक्ल, कुलदीप वर्मा, ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव, लालता प्रसाद गुप्ता, शिव शंकर सिंह, श्रीमती ज्योति तुलसीयान, श्रीमती किरन वैश्य, पार्वती देवी, श्रीदेवी सहित काफी संख्या में महिला प्रगतिशील कृषक तथा अन्य कृषक मौजूद रहे।






