संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम ने सुनीं फरियादें, बच्चों-दिव्यांगों को मिली त्वरित राहत

जन एक्सप्रेस/ जौनपुर: जौनपुर,जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र की अध्यक्षता में तहसील सदर के कलेक्ट्रेट स्थित प्रेक्षागृह में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनी गईं और कई मामलों में मौके पर ही त्वरित निर्देश दिए गए।
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान शोभा देवी निवासी परगना हवेली सदर द्वारा राजस्व निरीक्षक द्वारा पैमाइश न कराए जाने के संबंध में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी सदर, राजस्व निरीक्षक एवं लेखपाल को 10 जनवरी 2026 तक जांच कर पैमाइश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
वहीं मेवालाल यादव निवासी मल्हनी द्वारा चकमार्ग के सीमांकन का मामला प्रस्तुत किया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को नियमानुसार पैमाइश कराते हुए भूमि को कब्जा मुक्त कराने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के दौरान अपनी दादी के साथ पहुंचे दो बच्चे उन्नति और कुशल ने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके पिता का निधन हो चुका है और मां उन्हें छोड़ चुकी हैं। इस संवेदनशील प्रकरण पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत बच्चों को आच्छादित करने के निर्देश दिए, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। जिलाधिकारी ने बच्चों को टॉफी और कंबल भी प्रदान किया।
इसके अतिरिक्त दिव्यांग मंत कुमार निवासी शाहगंज द्वारा ट्राई साइकिल की मांग किए जाने पर जिलाधिकारी ने जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को तत्काल ट्राई साइकिल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। तहसील दिवस के दौरान ही दिव्यांग को ट्राई साइकिल व कंबल प्रदान किया गया, जिस पर उन्होंने शासन-प्रशासन का आभार जताया
जिलाधिकारी ने इस अवसर पर बेटियों की शिक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में बेटियों की पढ़ाई से समझौता न किया जाए। उन्होंने एससी विद्युत विभाग की अनुपस्थिति पर कड़ी नाराजगी जताते हुए वेतन रोकने के निर्देश भी दिए।
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान वृद्ध एवं असहाय फरियादियों को कंबल वितरित किए गए। कुल 51 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 04 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध कब्जे, जबरन घर में प्रवेश और अधूरे आवास से जुड़े मामलों में पुलिस, राजस्व और विकास विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई कर गरीबों को त्वरित न्याय दिलाएं। साथ ही तहसीलों में पुनः विवाद रजिस्टर तैयार कराने के भी निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ, मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, प्रशिक्षु आईपीएस श्रृष्टि जैन, सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता, सहित अन्य जिलास्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।






