उत्तर प्रदेशचित्रकूट

चकबंदी कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: डीएम शिवशरणप्पा ने दिए कड़े निर्देश

कलेक्ट्रेट सभागार में हुई समीक्षा बैठक, सभी अधिकारियों को समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश

जन एक्सप्रेस संवाददाता चित्रकूट (हेमनारायण हेमू)। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जी एन की अध्यक्षता में चकबंदी कार्यों की प्रगति की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि चकबंदी के कार्य शासन की मंशा के अनुरूप और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

“चकबंदी में टालमटोल नहीं, कार्य करें निष्ठा से” — डीएम

जिलाधिकारी ने सभी चकबंदी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा कि वे अपनी निष्ठा, तत्परता और ईमानदारी के साथ काम करें और तय समयसीमा के भीतर सभी कार्यों को पूर्ण करें।
विशेष रूप से उन्होंने कहा कि धारा-4 के प्रकाशन के बाद जिन गांवों में चकबंदी शुरू नहीं हुई है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए, अन्यथा कार्रवाई तय है।

25 अगस्त तक धारा-9 के कार्य पूर्ण करने का अल्टीमेटम

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन गांवों में धारा-9 के कार्य शेष हैं, उन सभी को 25 अगस्त 2025 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए।
साथ ही, उन्होंने सहायक चकबंदी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन गांवों का सर्वेक्षण हो चुका है, वहां नक्शा तरमीम कराकर कार्य शुरू किया जाए।

बाढ़ प्रभावित गांवों को छोड़ अन्य में तेज गति से कार्य करें

डीएम ने कहा कि जो गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, वहां चकबंदी की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित रखी जाए, लेकिन अन्य सभी गांवों में कार्य को गति दी जाए।
जहां पड़ताल का कार्य धीमा है, वहां भी प्रगति सुनिश्चित की जाए।

धारा-20, 3, 7, 8, 27, 52, जमाबंदी, बंदोबस्त, पैमाइश की समीक्षा

बैठक में जिलाधिकारी ने चकबंदी के समस्त प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि धारा-20, धारा-3, 7, 8, 27 और 52 के अंतर्गत जो भी कार्य लंबित हैं, उन्हें भी प्राथमिकता के आधार पर निश्चित समयसीमा में पूर्ण किया जाए।
जमाबंदी, बंदोबस्त व पैमाइश के बिंदुओं पर भी अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए गए।

वरिष्ठ अधिकारी भी रहे बैठक में मौजूद

इस बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक)  अरुण कुमार, बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी  एम.एल. धर्मन, सहित सभी चकबंदी अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारी, कानूनगो, लेखपाल आदि मौजूद रहे।

चकबंदी में सुधार नहीं तो कार्रवाई तय बैठक का मुख्य संदेश स्पष्ट था चकबंदी कार्य में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो अधिकारी समयसीमा का पालन नहीं करेंगे, उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई तय है।

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