जौनपुर में मरे हुए मरीज का इलाज करते रहे डॉक्टर, मानवता को झकझोर देने वाली घटना

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से निजी डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। जहां, सड़क हादसे में घायल होने के बाद शुभम नाम के युवक को अस्पताल में एडमिट किया गया था। परिजनों का आरोप है कि मौत के बाद भी युवक का इलाज किया जा रहा था। इस दौरान उन्हें युवक से मिलने नहीं दिया गया।
शुभम निषाद की मौत के बाद भी इलाज जारी रखने का आरोप
जौनपुर के जफराबाद निवासी शुभम निषाद सड़क हादसे में घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था, जहां ICU में उनकी मौत तीन दिन पहले ही हो चुकी थी। हालांकि, अस्पताल द्वारा उनके परिजनों से यह कहा गया कि उनका इलाज जारी है, जबकि शुभम की मौत हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि उन्हें तीन दिन तक धोखे में रखा गया।
परिजनों ने किया हंगामा
मौत की खबर सुनते ही परिजनों में कोहराम मच गया और दर्जनो की सँख्या में महिला व पुरुष अस्पताल पहुंचकर डॉक्टर के ऊपर घोर लापरवाही लगाते हुए अस्पताल में जमकर हंगामा किया, घटना की जानकारी पुलिस को मिलते ही.पुलिस मौके पर पहुंचकर किसी तरह को समझा बुझाकर मामले को शांत कराया और शव को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दौरान परिजनों ने डॉक्टर के स्टाफ द्वारा बॉडी न देने का आरोप डीएम व एसपी से की। उसके बाद मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।
घटना नईगंज इलाके के निजी अस्पताल की
यह घटना जौनपुर के नईगंज इलाके के एक निजी अस्पताल की है, जहां परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने जानबूझकर मृतक का इलाज जारी रखने का दावा किया और परिवार को धोखा दिया।






