डीएम के उत्पीड़न से लेखपाल की मौत के विरोध में लेखपालों ने दिया धरना
लेखपाल संघ ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा

जन एक्सप्रेस / जौनपुर: उत्तर-प्रदेश लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष इ. विकास सिंह के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय परिसर में सोमवार को लेखपालों ने धरना दिया। संघ के पदाधिकारियों ने हापुड़ के डीएम के दमनात्मक व्यवहार एवं उत्पीड़नात्मक कार्रवाई से तनाव ग्रस्त लेखपाल की मौत को लेकर लेखपालों में आक्रोश व्याप्त है। लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम कुणाल गौरव को सौंपा।
उक्त जनपद में जिलाधिकारी का लेखपाल सुभाष मीणा के साथ अपमानजनक व्यवहार एवं बिना जांच के ही झूठी शिकायत पर उत्पीड़नात्मक कार्रवाई से मृत्यु हो गई। इस कार्रवाई से हुई दर्दनाक घटना से प्रदेश के समस्त लेखपाल आहत हैं। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम कुणाल गौरव को सौंपते हुए अवगत कराया कि कुछ अधिकारियों में सोशल मीडिया अथवा प्रिंट मीडिया एवं आम जनता के मध्य प्रचार प्रसार की इच्छा के कारण तहसील दिवस या थाना समाधान दिवस के दौरान अधीनस्थ को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने और दंडित करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। इससे कर्मचारी तनाव ग्रस्त होकर नौकरी कर रहे हैं। मुख्य सचिव के निर्देशों का हवाला देते हुए बताया गया कि नौकरी में बढ़ते कार्य के दबाव के साथ ही अधिकारियों के व्यवहार के कारण कर्मचारियों का स्वास्थ्य एवं पारिवारिक जीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है और शासकीय कार्य भी प्रभावित हो रहा है। लेखपाल संघ द्वारा मृतक आश्रितों को आर्थिक सहायता प्रदान करने, सरकारी नौकरी दिलाने, जांच रिपोर्ट शीघ्र प्राप्त कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने, मुख्य सचिव के निर्देशों के आधार पर प्रांतीय, मंडल, जनपद और तहसील अधिकारियों को प्रतिमाह कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक करने की मांग की गई है। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष संजय कुमार, तहसील मंत्री विवेक सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमरजीत बिंद, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सत्येंद्र यादव, उप मंत्री ऋतुराज चौधरी, कोषाध्यक्ष ज्योति तिवारी, ऑडिटर रविकांत मौर्य, संजय राय राजस्व निरीक्षक, सनंदन भट्ट, विकास केसरवानी, नीतू सिंह, रसना, निशा, बृजेश यादव, मनीष श्रीवास्तव, दिव्या सिंह, पूनम गुप्ता आदि रहे।






