जौनपुर: वायरल वीडियो पर डॉ. आलोक यादव का स्पष्टीकरण, आरोपों को बताया भ्रामक और तथ्यों से परे

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: सोशल मीडिया पर इन दिनों जौनपुर का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक निजी अस्पताल और चिकित्सक की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस पूरे प्रकरण पर डॉ. आलोक यादव ने अपना पक्ष रखते हुए वायरल वीडियो को पूरी तरह भ्रामक और तथ्यों से परे बताया है।
“परिजनों की सहमति से हुआ था उपचार”
डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि वायरल हो रहा वीडियो हकीकत को छिपाने का प्रयास है। उन्होंने बताया कि संबंधित मरीज का इलाज परिजनों के विशेष अनुरोध पर ही किया गया था। उपचार की पूरी प्रक्रिया के दौरान डॉक्टर ने परिजनों को समय-समय पर मरीज की गंभीर स्थिति और संक्रमण के तेजी से फैलने के बारे में पूरी जानकारी दी थी।
“मौजूद है वीडियो रिकॉर्डिंग”
डॉ. आलोक यादव ने अपने बचाव में एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनके पास उस बातचीत का वीडियो रिकॉर्ड मौजूद है, जिसमें परिजनों को मरीज की स्थिति के बारे में विस्तार से समझाया गया था। डॉक्टर का कहना है कि:
“हमने परिजनों को यह स्पष्ट विकल्प दिया था कि स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वे अपनी सहमति से मरीज को कहीं अन्यत्र बेहतर इलाज के लिए ले जा सकते हैं। इलाज पूरी तरह पारदर्शी रहा है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई।”
“अफवाहों पर ध्यान न दें”
डॉक्टर के अनुसार, मरीज को परिजनों की पूर्ण सहमति और उनकी इच्छा के अनुसार ही दूसरे अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था। उन्होंने वायरल वीडियो में लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि बिना सच्चाई जाने किसी भी वीडियो को सच मान लेना या उसे फैलाना गलत है।
डॉ. यादव ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक जानकारी या अफवाहों पर ध्यान न दें और सच्चाई की पुष्टि किए बिना किसी की छवि धूमिल न करें।






