होटल में घुसकर बेख़ौफ़ बदमाशों ने जमकर किया तांडव
महिलाओं ,बच्चों समेत बुजुर्गों ने भागकर बचाई जान

जन एक्सप्रेस/गाजियाबाद: दिल्ली एनसीआर का पाश इलाका राजनगर एक्सटेंशन अब गुंडों, बलवाइयों और दबंगई का क्षेत्र बनता जा रहा है। पुलिस की पाठशाला और कानून का पाठ का असर अपराधियों पर नहीं हो रहा है। जिसकी गवाही शनिवार देर रात क्षेत्र में एक पारिवारिक रेस्तरां में हुई तोड़फोड़ और दबंगई दिखाता है। आधा दर्जन से ज्यादा बदमाशों का झुंड आता है मारपीट करके पारिवारिक माहौल को दहशत से भरकर आराम से निकल जाता है और पुलिस वही कार्यवाही की बात कहकर सांप निकलने के बाद लाठी पीटने वाली कहावत चरितार्थ कर रहा है।
नंदग्राम थाना अंतर्गत राजनगर एक्सटेंशन में अपना रसोई नामक रेस्टुरेंट में शनिवार होने की वजह से काफ़ी भीड़ थी। परिजन और अन्य लोग शाम को भोजन का आनंद ले रहे थे । इसी बीच आध दर्जन से ज्यादा नवयुवक रेस्टुरेंट पहुंच संचालक और स्टाफ से झगड़ा तोड़ फोड़ दिया । युवाओं ने जमकर होटल के अंदर बाहर जमकर तांडव किया । खाना खा रहे परिजनों तक के टेबल पर कुर्सी और लकड़ी के हथियारों से जमकर तोड़ फोड़ करके महिलाएं,बच्चों और वृद्धजनों को भयभीत कर दिया ।
संचालक ने बताया कि 6 जून की रात्रि खाने के बिल को लेकर उनके स्टाफ से कुछ कहासुनी हुई जिसके बाद ऐसी घटना को अंजाम दिया गया है।
पुलिस आयुक्त की पाठशाला की शिक्षा बेअसर साबित हो रही
नवागत पुलिस कमिश्नर के पदभार ग्रहण करने और पुलिसिंग व्यवस्था को चाक चौबंद करने हेतु आयुक्त जे रविंदर कुमार गौड़ ने खूब अधिकारियों और पुलिस कर्मचारियों की कार्यशाला लगाई । खूब प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया । ख़ूब निर्देश दिए लेकिन जिस प्रकार से पुलिस मुख्यालय की कुछ ही किलो मीटर की दूरी पर ऐसा तांडव हुआ उससे उनके मेहनत का असर कम होता दिखने लगा है।
पुलिस आयुक्त द्वारा बीट प्रणाली से लेकर अपराधियों से शपथ तक दिलवाए जा रहे लेकिन अपराधियों में कानून का खौफ क्यों पैदा नहीं हो रहा यह यक्ष प्रश्न बनकर रह गया है। राजनीतिक संरक्षण और प्रशासनिक गलबहियां कहीं न कहीं कानून पर भारी पड़ रही जिसके कारण ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो रही है।






