सरकारी पार्क में मनोरंजन बना लूट का केन्द्र
मनोरंजन के नाम पर प्रतिदिन पच्चीस से पचास लाख तक की अवैध वसूली

जन एक्सप्रेस/बांदा : बांदा-गर्मी आते ही शहर में मनोरंजन के माफिया हर वर्ष प्रदर्शनी लगाते हैं और अपने मन माफिक टिकट बना बुंदेलखंड की जनता को लूटते हैं। ये खेल वर्षों से चला आ रहा है। न तो इसके शासन व प्रशासन के अधिकारिक को टिकट है न आदेश। सब हवा हवाई है। प्रदर्शिनी में प्रतिदिन आठ से दस हजार लोगों का आना जाना है। और पहले ही जाते ही आपकी बाइक पार्किंग के नाम पर बीस रूपये व अगर कार से गये तो आपको सौ रूपए देने होंगे। और अगर आपने नहीं दिए तो उसके लिए लठैतों का इंतजाम भी है। इसके बाद प्रवेश द्वार के इंट्री के लिए आपको बीस रूपये और खर्च करने पड़ेंगे।जो पूरी तरह से अवैध है। और अगर आपको अंदर ग्राउंड में दुकान लगानी है तो आपको पांच सौ रूपए रंगदारी भी देनी होगी। न बिजली का कोई कनेक्शन। विद्युत करंट के तारों का फैलाव खुला पड़ा है। इस समय गर्मी का मौसम चल रहा है। और आग से बचाव के लिए किसी तरह के संसाधन नहीं हैं। फायर ब्रिगेड से जब हमने प्रदर्शनी की परमीशन के बारे में बात की तो बताया की बड़े साहब छुट्टी गये हैं। जब आएंगे तो बताऐंगे। लेकिन सोचने वाली बात है की अगर फायर ब्रिगेड ने परमीशन दी तो फायर सेफ्टी सिलेंडर कहां हैं। न तो फायर सेफ्टी सिलेंडर, न ही बड़े हवा हवाई झूलों में दुर्घटना के दौरान सेफ्टी के लिए क्रेन मशीन और न ही एम्बुलेंस और न ही पुलिस सहायता केंद्र। मतलब मनोरंजन माफिया ने जनता की जिंदगी को खिलवाड़ बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।और ये सब चल रहा है मुख्यालय के बड़े बड़े अफसरों के कार्यालय व आवास से कुछ ही मीटर की दूरी में लेकिन सब अनजान व मूक दर्शक बने हुए हैं। ऐसा क्यूं कौन है ये मनोरंजन माफिया जो हर वर्ष जनता को लूटने के लिए व सरकार को चूना लगाने के लिए प्रदर्शनी का प्रोग्राम लगाते हैं और उससे कमाई हुई रकम को न तो सरकारी फंड मनोरंजन विभाग और न ही किसी तरह के टैक्स जमा करते हैं। भोली भाली जनता से हर वर्ष मनोरंजन के नाम पर प्रतिदिन लाखों लूटे जाते हैं और मनोरंजन माफिया अपनी जेबें भरते हैं। शासन व प्रशासन व जनप्रतिनिधियों को सुविधा के नाम पर बकायदे वीआईपी पास उपलब्ध कराऐ जाते हैं ताकि न जनप्रतिनिधि न ही शासनिक व प्रशासनिक अफसरों को यहां के लूट केंद्र की जानकारी हो सके।






