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हर गांव, हर परिवार, हर नागरिक की एक ही मांग सिकंदराराऊ ट्रॉमा सेंटर पूर्णतः चालू हो!

डॉ. राकेश सिंह राणा ने सरकार से की ट्रॉमा सेंटर पूर्ण संचालन की मांग

जन एक्सप्रेस/हाथरस: हाथरस जनपद के सिकंदराराऊ क्षेत्र में बने ट्रॉमा सेंटर को लेकर आम जनता का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से बने इस ट्रॉमा सेंटर के पूर्ण रूप से संचालित न होने के कारण क्षेत्र के हजारों लोगों को आज भी इलाज के लिए दूर-दराज के जिलों का रुख करना पड़ रहा है। इसी गंभीर समस्या को लेकर अब जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा हस्ताक्षर अभियान तेज़ हो गया है।

शनिवार को टीकरी खुर्द, नई नगला ताहर, ऐचोला और सहादतपुर गांवों में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान ग्रामीणों ने एकमत होकर मांग उठाई कि सिकंदराराऊ ट्रॉमा सेंटर को मानकों के अनुरूप पूरी सुविधाओं के साथ तत्काल चालू किया जाए। गांव-गांव पहुंची टीम का ग्रामीणों ने खुलकर समर्थन किया और बड़ी संख्या में लोगों ने हस्ताक्षर कर अपनी आवाज़ बुलंद की।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाएं, गंभीर बीमारियां और आपातकालीन स्थितियों में समय पर इलाज न मिलने से लोगों की जान जोखिम में पड़ जाती है। ट्रॉमा सेंटर मौजूद होने के बावजूद यदि मरीजों को अलीगढ़ या आगरा रेफर किया जाए, तो यह व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।

इस जनसंपर्क अभियान के दौरान पूर्व विधान परिषद सदस्य डॉ. राकेश सिंह राणा ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि “जब सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर ट्रॉमा सेंटर बनाती है, लेकिन वहां न डॉक्टर होते हैं, न नर्स, न पैरामेडिकल स्टाफ और न ही आवश्यक मशीनें — तो इसे विकास नहीं बल्कि जनता के धन का दुरुपयोग कहा जाएगा।”

डॉ. राणा ने कहा कि स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील व्यवस्था के साथ इस तरह का लापरवाह रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन परिवारों की जिम्मेदारी कौन लेगा, जिन्होंने इलाज के अभाव में अपने प्रियजनों को खो दिया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि बहुत जल्द वे स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से वार्ता करेंगे और सिकंदराराऊ ट्रॉमा सेंटर में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ व आवश्यक संसाधनों की तैनाती सुनिश्चित कराने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।

डॉ. राणा ने दो टूक शब्दों में कहा कि “जनता के स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं होगा। यह केवल भवन या योजना का मुद्दा नहीं, बल्कि सीधे जीवन से जुड़ा विषय है। आज हर गांव, हर परिवार और हर नागरिक की एक ही मांग है कि ट्रॉमा सेंटर सिर्फ कागजों में नहीं, बल्कि ज़मीनी स्तर पर पूरी तरह कार्यरत दिखाई दे।”

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक सिकंदराराऊ ट्रॉमा सेंटर विधिवत रूप से सभी सुविधाओं के साथ चालू नहीं हो जाता, तब तक यह हस्ताक्षर अभियान और जन आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

जनता का साफ संदेश है — अब सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर कार्रवाई चाहिए।

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