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अशोका हॉस्पिटल में महिला कर्मचारी पर यौन शोषण का आरोप

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जिले में अवैध रूप से संचालित अशोका हॉस्पिटल पर कार्रवाई न होने का खामियाजा महिला कर्मचारी भुगतने को मजबूर हैं। ताजा मामला खानपुर अकबरपुर क्षेत्र में संचालित एक निजी अस्पताल का है, जहां काम करने वाली एक युवती ने अस्पताल के मैनेजर पर गंभीर आरोप लगाते हुए वीडियो जारी किया है। युवती का कहना है कि अस्पताल में कार्यरत महिला कर्मचारियों के साथ आए दिन शारिरिक शोषण  की जाती थी, लेकिन नौकरी जाने के डर से कोई खुलकर विरोध नहीं कर पा रहा था।

पीड़िता के अनुसार घटना वाले दिन भोर करीब पांच बजे अस्पताल के मैनेजर ने उसे फोन कर ऑपरेशन थिएटर में इमरजेंसी का हवाला देकर बुलाया। जैसे ही वह ओटी के अंदर पहुंची, मैनेजर ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया और उसके साथ जबरदस्ती करने लगा। युवती ने आरोप लगाया कि उसने लगातार विरोध किया, खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन मैनेजर नहीं माना और शारीरिक शोषण का प्रयास करता रहा। युवती ने वीडियो में कहती हुई दिखाई दे रही की मैनेजर ने उससे कहा कि मुझमें कोई कमी नहीं तुम मुझे अपना परेशान मत रहो मैं तुम्हारी सारी इच्छाओं को पूरा करूंगा।

युवती का यह भी आरोप है कि घटना के बाद मैनेजर ने उसे धमकाया और कहा कि अगर इस बारे में किसी को बताया तो न सिर्फ नौकरी से निकाल दिया जाएगा बल्कि जान से भी मरवा दिया जाएगा। लोक-लाज और सामाजिक बदनामी के डर से वह लंबे समय तक चुप रही। बाद में रोते हुए उसने पूरी आपबीती अपनी मां को बताई। मामला सामने आने के बाद परिजनों ने युवती को उस अस्पताल में दोबारा काम पर जाने से मना कर दिया। पीड़िता का कहना है कि उसने अस्पताल की नौकरी छोड़ दी, लेकिन इसके बाद भी उसे लगातार परेशान किया जा रहा है। फोन कॉल और दबाव बनाकर शिकायत न करने की कोशिश की जा रही है। युवती ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल का मैनेजर विश्व हिंदू परिषद से जुड़ा हुआ है और अस्पताल के संचालक का भाई बताया जा रहा है, जिसके चलते वह खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है।

वहीं अस्पताल संचालक पंकज मौर्या ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि युवती को काम से निकाल दिया गया था, उसी रंजिश में वह इस तरह के आरोप लगा रही है। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है और आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। इस पूरे मामले में थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार पांडे ने बताया कि अभी तक इस संबंध में उन्हें कोई लिखित शिकायत या तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। न ही थाने स्तर पर कोई सूचना दी गई है। तहरीर मिलने पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

 

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