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जौनपुर में इलाज के लिए गई वृद्ध विधवा का मकान तोड़ा, दबंगों पर एफआईआर दर्ज

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जनपद के सरपतहां थाना क्षेत्र अंतर्गत रसोली गांव से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। गांव की एक लगभग 80 वर्षीय असहाय वृद्ध विधवा महिला का मकान दबंगों द्वारा अवैध रूप से तोड़ दिया गया। इस घटना के बाद पीड़िता बेघर हो गई है और खुले आसमान के नीचे जीवन गुजारने को मजबूर है।

पीड़िता ने बताया कि उनके पति का कई वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। उनका कोई पुत्र नहीं है और वृद्धावस्था के चलते वह स्वयं को संभालने में असमर्थ हैं। कुछ समय पहले वह गंभीर बीमारी के इलाज के लिए अपनी बेटी के घर गई थीं। इसी दौरान गांव के ही कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोगों ने मौके का फायदा उठाते हुए उनके मकान पर ताला तोड़ दिया।

पीड़िता के अनुसार, आरोपितों ने पहले घर में रखा घरेलू सामान बाहर निकाल दिया और फिर बिना किसी प्रशासनिक आदेश या कानूनी प्रक्रिया के पूरे मकान को ध्वस्त कर दिया। जब इलाज के बाद वृद्धा वापस अपने गांव लौटीं, तो उन्होंने देखा कि उनका वर्षों पुराना आशियाना पूरी तरह मलबे में तब्दील हो चुका है।

मकान टूटा देख वृद्धा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जब उन्होंने इसका विरोध किया और आरोपितों से सवाल किए, तो दबंगों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। भयभीत वृद्धा ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।

पुलिस पीड़िता को सरपतहां थाने ले गई, जहां उनकी तहरीर दर्ज की गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पीड़िता बेहद सीधी-सादी और कमजोर महिला हैं, जिनका किसी से कोई विवाद नहीं था। इसके बावजूद दबंगों द्वारा इस तरह की क्रूर कार्रवाई किया जाना बेहद निंदनीय है।

पीड़िता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वृद्धावस्था और असहाय स्थिति के कारण वह दोबारा मकान बनवाने में पूरी तरह असमर्थ हैं। फिलहाल उनके पास रहने के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है। उन्होंने जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और उनका मकान दोबारा बनवाया जाए।

वृद्ध महिला ने जिलाधिकारी जौनपुर से मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, उन्हें तत्काल आवासीय सहायता प्रदान की जाए और मकान गिराए जाने से हुए नुकसान की भरपाई कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो उनका जीवन और भी कठिन हो जाएगा।

यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कमजोर और असहाय लोगों की सुरक्षा कितनी कमजोर है। प्रशासन और पुलिस के लिए यह घटना एक बड़ी चुनौती है कि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय दिलाया जाए और समाज में कानून का भय कायम किया जाए।

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