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एफएमडी टीकाकरण अभियान को मिली नई गति, जौनपुर में मंत्री व डीएम ने किया शुभारंभ

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: पशुधन को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसी गंभीर एवं संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से जनपद जौनपुर में एफएमडी टीकाकरण अभियान की शुरुआत गुरुवार को की गई। अभियान का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के मा० राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) खेल एवं युवा कल्याण विभाग श्री गिरीश चंद्र यादव तथा जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र द्वारा टीकाकरण वैन को हरी झंडी दिखाकर किया गया।

इस अवसर पर मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार पशुधन के स्वास्थ्य संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और एफएमडी जैसी बीमारियां पशुपालकों की आय पर प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। उन्होंने कहा कि यह टीकाकरण अभियान पशुओं को सुरक्षित रखने के साथ-साथ पशुपालकों की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक ठोस कदम है। मंत्री ने पशुपालकों से अपील की कि वे आगे आकर अपने सभी गोवंश एवं महिषवंश पशुओं का समय से टीकाकरण कराएं।

मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि टीकाकरण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और अभियान को पूरी पारदर्शिता, अनुशासन और प्रभावशीलता के साथ संपन्न कराया जाए।

जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने जानकारी देते हुए बताया कि एफएमडी टीकाकरण अभियान 22 जनवरी 2026 से 10 मार्च 2026 तक जनपद में संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत जौनपुर जनपद को कुल 6,00,550 वैक्सीन डोज प्राप्त हुई हैं। अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के 21 विकास खंडों में 43 टीमें गठित की गई हैं।

प्रत्येक टीम में एक उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी अथवा पशु चिकित्सा अधिकारी, एक पशुधन प्रसार अधिकारी तथा दो से तीन पैरावेटो/चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल किए गए हैं, जो गांव-गांव जाकर पशुओं का टीकाकरण करेंगे।

जिलाधिकारी ने बताया कि एफएमडी एक विषाणुजनित अत्यंत संक्रामक रोग है, जो संक्रमित पशुओं से बहुत तेजी से स्वस्थ पशुओं में फैलता है। यह रोग मुख्य रूप से गाय, भैंस, बैल सहित अन्य दुधारू पशुओं को प्रभावित करता है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, भूख न लगना, मुंह, जीभ एवं खुरों में छाले पड़ना शामिल हैं, जिससे दूध उत्पादन में भारी गिरावट आती है।

कार्यक्रम में मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अम्बष्ट, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओ.पी. श्रीवास्तव, डॉ. अरविंद श्रीवास्तव सहित पशुपालन विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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