चार वर्षीय हेरा हसन ने रखा पहला रोजा, बच्चों में इबादत का जज्बा बढ़ाया

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: रजमान का पवित्र महीना पूरे जोश और श्रद्धा के साथ जारी है। इस दौरान बच्चों और बड़ों में इबादत का उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में मुर्की गांव की चार वर्षीय हेरा हसन ने अपना पहला रोजा रखा, जो लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है।
हेरा हसन ने पूरे दिन का रोजा रखा और पांचों वक्त की नमाज भी अदा की। सुबह तीन बजे अपने परिवार को भोर में सेहरी खाने के लिए जगाने के बाद वह खुद सेहरी कर तिलावत में जुट जाती हैं। चार साल की उम्र में 15 घंटे का रोजा रखना और पूरी भक्ति के साथ नमाज अदा करना लोगों के लिए हैरान करने वाला अनुभव रहा।
हेरा हसन के इस कदम की ग्रामीणों ने जमकर सराहना की। उनके परिवार ने भी इस पहल पर गर्व जताया। उनकी मां, उम्में हबीबा ने कहा कि रोजा मुसलमानों के लिए अत्यंत पवित्र है और इस उम्र में रोजा रखना अल्लाह की कृपा का प्रतीक है।
बच्ची हेरा हसन की मेहनत और समर्पण रजमान के महीने में बच्चों में धार्मिक भावनाओं और इबादत की प्रेरणा फैलाने का उदाहरण प्रस्तुत करता है।






