
जन एक्सप्रेस/पुरोला : नगर पालिका क्षेत्र पुरोला में इन दिनों रसोई गैस की गंभीर समस्या देखने को मिल रही है। तय 25 दिन की समय सीमा पूरी होने के बावजूद भी उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जहां 25 दिनों में आसानी से गैस सिलेंडर मिल जाता था, वहीं अब समय सीमा बीतने के बाद भी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो रहा है। इतना ही नहीं, कई उपभोक्ताओं की नई बुकिंग भी नहीं की जा रही है। इससे लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में दिक्कतें आ रही हैं।
गैस एजेंसी के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। लोग बार-बार एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। इस स्थिति से उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की जा रही है।
व्यवसायियों पर भी असर:
इस गैस संकट का असर सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि होटल और ढाबा संचालकों पर भी इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। व्यवसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बाधित होने के कारण कई होटल संचालक मजबूरी में डीजल भट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे लागत बढ़ रही है और मुनाफा घट रहा है।
प्रशासन का क्या कहना है?
इस पूरे मामले पर खाद्य आपूर्ति विभाग के उप निरीक्षक रमेश खरोला ने जानकारी दी कि गैस एजेंसी के पोर्टल में पुरोला नगर पालिका क्षेत्र को गलती से ग्रामीण क्षेत्र के रूप में दर्ज कर दिया गया है। इसी कारण यहां 25 दिन की बजाय 45 दिन की समय सीमा लागू हो रही है।
उन्होंने बताया कि इस तकनीकी त्रुटि को सुधारने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही इसे ठीक कर लिया जाएगा। साथ ही, व्यवसायिक गैस वितरण के लिए नई एसओपी (Standard Operating Procedure) भी जारी कर दी गई है, जिससे आपूर्ति व्यवस्था को जल्द ही सुचारू किया जाएगा।






