उत्तर प्रदेशचित्रकूट

राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन, 1.16 लाख से अधिक मामलों का निस्तारण

इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति ने दीप प्रज्वलित कर किया शुभारंभ 2183 न्यायिक वाद और 1.14 लाख से अधिक राजस्व मामलों का हुआ समाधान

जन एक्सप्रेस चित्रकूट। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वाधान में जनपद चित्रकूट सहित प्रदेश के सभी जनपदों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जनपद न्यायालय चित्रकूट में लोक अदालत का शुभारंभ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

लोक अदालत में रहे न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित:
राष्ट्रीय लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर जनपद न्यायाधीश चित्रकूट, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय, अपर जिला न्यायाधीश, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, अपर जिला न्यायाधीश एफटीसी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जज, न्यायिक मजिस्ट्रेट, जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, विभिन्न बैंकों के प्रबंधक, न्यायालय कर्मी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायारक्षक एवं अधिकार मित्र उपस्थित रहे।

न्यायिक अधिकारियों द्वारा व्यापक निस्तारण:
जनपद न्यायाधीश द्वारा 4 वादों का निस्तारण करते हुए 1,000 रुपये अर्थदंड वसूला गया।मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा 36 वादों का निस्तारण कर 1 करोड़ 76 लाख 27 हजार रुपये प्रतिकर दिलाया गया।परिवार न्यायालय द्वारा 18 वादों का निस्तारण कर 1 लाख 45 हजार रुपये आपसी सुलह के आधार पर दिलाए गए, साथ ही वर्षों से अलग रह रहे 10 दंपतियों को सुलह के बाद एक साथ भेजा गया।
प्रथम अपर जिला जज द्वारा 75 वादों का निस्तारण किया गया।एससी/एसटी एक्ट न्यायालय द्वारा 2 वादों में 1,000 रुपये अर्थदंड वसूला गया।एफटीसी न्यायालय द्वारा 1 वाद में 500 रुपये अर्थदंड वसूला गया।

फौजदारी, एनआई एक्ट व उत्तराधिकार मामलों का समाधान:
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा 1396 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 1,34,820 रुपये अर्थदंड वसूला गया।सिविल जज (सीडी) द्वारा 67 फौजदारी वादों में 17,400 रुपये वसूले गए तथा एनआई एक्ट के एक वाद में 84,000 रुपये पक्षकारों को दिलाए गए।सिविल जज (सीडी)/एफटीसी द्वारा 160 फौजदारी वादों में 2,320 रुपये अर्थदंड तथा एनआई एक्ट के 3 वादों में 4,38,218 रुपये दिलाए गए।सिविल जज (जूनियर डिवीजन) द्वारा 18 फौजदारी वादों में 700 रुपये अर्थदंड और 4 उत्तराधिकार वादों में 3,88,179 रुपये के प्रमाण पत्र जारी किए गए।न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम द्वारा 82 वादों में 6,800 रुपये और न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय द्वारा 58 वादों में 580 रुपये अर्थदंड वसूला गया।
ग्राम न्यायालय मानिकपुर द्वारा 100 वादों का निस्तारण कर 1,000 रुपये अर्थदंड वसूला गया।इस प्रकार न्यायिक अधिकारियों द्वारा कुल 2183 वादों का निस्तारण करते हुए 1,83,28,799 रुपये अर्थदंड व प्रतिकर के रूप में वसूले गए।राजस्व एवं अन्य विभागों द्वारा 1,14,673 मामलों का निस्तारण करते हुए 4,68,64,400 रुपये की वसूली की गई।जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ने जानकारी दी कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1,16,856 वादों का निस्तारण करते हुए 6,51,93,199 रुपये अर्थदंड, प्रतिकर एवं बैंक ऋण वसूली के रूप में प्राप्त किए गए।राष्ट्रीय लोक अदालत ने एक बार फिर यह सिद्ध किया कि आपसी सुलह, संवाद और सहमति के माध्यम से न्याय को सरल, सस्ता और त्वरित बनाया जा सकता है।

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