विधान भवन में गणतंत्र दिवस का भव्य समारोह, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने फहराया तिरंगा
लखनऊ में राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहे मौजूद, बच्चों की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र

जन एक्सप्रेस/लखनऊ: देश की आज़ादी और लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक 76वां गणतंत्र दिवस उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पूरे हर्ष, उल्लास और राष्ट्रीय गौरव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राजधानी स्थित विधान भवन परिसर देशभक्ति के रंगों से सराबोर नजर आया। हर ओर तिरंगे की शान, राष्ट्रगान की गूंज और भारत माता के जयघोष सुनाई देते रहे।
राज्य स्तरीय मुख्य समारोह का आयोजन विधान भवन में किया गया, जहां उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। यह अवसर विशेष इसलिए भी रहा क्योंकि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने लगातार सातवीं बार तिरंगा फहराकर प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।
सुबह से ही विधान भवन परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कार्यक्रम पूरी गरिमा और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ। जैसे ही राष्ट्रध्वज फहराया गया, पूरा परिसर “जन गण मन” की गूंज से गूंज उठा और उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्र के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की।
इस भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संविधान ने हमें समानता, न्याय और अधिकारों का मार्ग दिखाया है और उत्तर प्रदेश सरकार संविधान की मूल भावना के अनुरूप प्रदेश के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
कार्यक्रम के दौरान भव्य परेड का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न सुरक्षा बलों ने कदमताल करते हुए अनुशासन और एकता का अद्भुत प्रदर्शन किया। परेड की सलामी राज्यपाल द्वारा ली गई, जिसे देखकर दर्शकों में उत्साह चरम पर पहुंच गया।
समारोह का सबसे आकर्षक केंद्र रही बच्चों की देशभक्ति झांकी। छोटे-छोटे बच्चों ने फौजी वेशभूषा पहनकर वीर सैनिकों की भूमिका निभाई और देश के लिए बलिदान देने वाले जवानों को नमन किया। बच्चों की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया और लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।
झांकी के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि देश की सुरक्षा, एकता और अखंडता में हर नागरिक की भूमिका अहम है। बच्चों की मासूम प्रस्तुति ने समारोह में भावनात्मक माहौल बना दिया और कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
इस अवसर पर सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी एवं अन्य गणमान्य अतिथियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
समारोह के दौरान संविधान की गरिमा, लोकतंत्र की मजबूती और राष्ट्रीय एकता पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक पर्व नहीं, बल्कि यह हमें हमारे कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की याद दिलाता है।
पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा, अनुशासन और व्यवस्था की सराहना की गई। आमंत्रित अतिथियों और मीडिया प्रतिनिधियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सका।
गणतंत्र दिवस समारोह के समापन पर राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य, शांति और समृद्धि की कामना की गई। विधान भवन परिसर से निकलते समय लोगों के चेहरों पर गर्व, उत्साह और देशप्रेम साफ झलक रहा था।
इस प्रकार राजधानी लखनऊ में आयोजित गणतंत्र दिवस का यह राज्य स्तरीय समारोह देशभक्ति, अनुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों का जीवंत उदाहरण बनकर यादगार साबित हुआ।






