जौनपुर में विज्ञान और नवाचार का संगम, स्कूल परिसर में सजी भव्य विज्ञान प्रदर्शनी

जन एक्सप्रेस जौनपुर: जौनपुर जनपद के शिक्षा जगत में आज का दिन विशेष रूप से यादगार बन गया, जब लालती गर्ल्स जूनियर हाई स्कूल एवं पंडित प्रभाकर मिश्र इंटर कॉलेज के संयुक्त परिसर में विज्ञान प्रदर्शनी एवं विद्यालयी मेले का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन ने न केवल बच्चों की रचनात्मक सोच को मंच दिया, बल्कि शिक्षा के साथ स्वरोजगार और नवाचार का भी संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्रांगण में उत्सव जैसे माहौल के साथ हुई। चारों ओर रंग-बिरंगे स्टॉल, विज्ञान मॉडल, हस्तनिर्मित उत्पाद और बच्चों की उत्सुकता देखते ही बन रही थी। छात्र-छात्राएं पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने-अपने प्रोजेक्ट और स्टॉल पर उपस्थित होकर आगंतुकों को जानकारी दे रहे थे।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधक शेषनाथ मिश्र ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल किताबी शिक्षा पर्याप्त नहीं है। बच्चों को व्यवहारिक ज्ञान, वैज्ञानिक सोच और व्यापारिक समझ से भी जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सरकारी नौकरियों की सीमित संभावनाओं को देखते हुए छात्रों को स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित करना अत्यंत आवश्यक है।
प्रबंधक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि छात्र कम उम्र से ही व्यापार, नवाचार और विज्ञान को समझने लगें, तो वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकते हैं। यही सोच इस विज्ञान प्रदर्शनी और विद्यालयी मेले के आयोजन के पीछे रही है।
प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा बनाए गए विज्ञान मॉडल सभी का ध्यान आकर्षित करते नजर आए। कहीं जल संरक्षण पर आधारित मॉडल था, तो कहीं सौर ऊर्जा से चलने वाले उपकरणों का प्रदर्शन किया गया। कुछ छात्रों ने स्मार्ट सिटी, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ भारत और आधुनिक तकनीक पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किए, जिन्हें देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
विद्यालयी मेले में बच्चों ने स्वयं तैयार किए गए खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प सामग्री और छोटे-छोटे उत्पादों की बिक्री भी की। इस प्रक्रिया से छात्रों को व्यापार की मूलभूत जानकारी जैसे लागत, लाभ, ग्राहक व्यवहार और प्रस्तुति कौशल का व्यावहारिक अनुभव मिला।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जगवंती गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्रबंधक मुकेश यादव तथा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित ग्राम प्रधान उत्तर पट्टी नेवढ़िया ओम प्रकाश चक्रवर्ती उपस्थित रहे। अतिथियों ने छात्रों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास को नई उड़ान देते हैं।
अतिथियों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को मंच प्रदान करने के साथ-साथ समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण भी तैयार करते हैं। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को इस पहल के लिए बधाई दी।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षक मोहम्मद सलीम, ग्राम प्रधान रामलोचन यादव तथा अध्यापक सोनू चौबे की सक्रिय भूमिका भी सराहनीय रही। शिक्षकों ने पूरे आयोजन के दौरान बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए यह सुनिश्चित किया कि हर छात्र अपनी प्रतिभा को खुलकर प्रस्तुत कर सके।
प्रदर्शनी में एक विशेष मॉडल ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। एक छात्र द्वारा प्रस्तुत जल शुद्धिकरण मॉडल को देखकर प्रबंधक शेषनाथ मिश्र अत्यंत प्रभावित हुए। उन्होंने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि इस प्रतिभाशाली छात्र को आगामी 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
प्रबंधक ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि पिछली बार की तुलना में इस वर्ष आयोजन में कुछ विलंब अवश्य हुआ, लेकिन छात्रों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई। यह दर्शाता है कि बच्चों में सीखने और कुछ नया करने की ललक निरंतर बनी हुई है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले वर्षों में इस विज्ञान प्रदर्शनी और विद्यालयी मेले को और भी बड़े स्तर पर आयोजित किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के छात्र भी आधुनिक शिक्षा, विज्ञान और नवाचार से सीधे जुड़ सकें।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि शिक्षा को केवल परीक्षा तक सीमित न रखकर उसे जीवन से जोड़ा जाएगा। बच्चों के चेहरों पर दिखती खुशी और आत्मविश्वास इस आयोजन की सबसे बड़ी सफलता साबित हुई।
यह विज्ञान प्रदर्शनी न सिर्फ एक शैक्षणिक कार्यक्रम रही, बल्कि भविष्य के वैज्ञानिकों, उद्यमियों और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखने वाला एक प्रेरणादायक प्रयास भी बनकर सामने आई।






