हमीरपुर: पत्नी की मौत के मामले में पति फूल सिंह को 4 साल की सजा, 4000 रुपये जुर्माना

जन एक्सप्रेस/हमीरपुर: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के राठ कस्बे में पत्नी की मौत के मामले में अदालत ने पति को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। अपर जिला सत्र न्यायालय प्रथम के स्कॉलर जज उदयवीर सिंह ने आरोपी फूल सिंह को चार साल की कठोर कारावास की सजा और चार हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी महेश चन्द्र द्विवेदी ने बताया कि महोबा जिले के थाना श्रीनगर के ग्राम पिपरा माफ (उदयपुरा) निवासी वृन्दावन ने 4 अक्टूबर 2022 को राठ कोतवाली में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि उन्होंने अपनी पुत्री अर्चना की शादी करीब पांच साल पहले राठ कस्बे के अतरौलिया निवासी फूल सिंह पुत्र छोटे लाल उर्फ छंगा के साथ की थी।
वृन्दावन के अनुसार शादी में उन्होंने अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया था, लेकिन शादी के बाद से ही उनका दामाद मोटरसाइकिल की मांग को लेकर उनकी पुत्री को प्रताड़ित करता था। जब अर्चना इस मांग का विरोध करती थी तो उसका पति उसके साथ मारपीट करता था। मायके आने पर अर्चना अक्सर रो-रोकर अपनी पीड़ा परिवार को बताती थी।
पीड़ित पिता ने बताया कि उन्होंने कई बार अपने दामाद को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। 4 अक्टूबर 2022 की सुबह पड़ोसियों ने फोन कर सूचना दी कि उनकी पुत्री को फांसी लगाकर मार दिया गया है।
सूचना मिलने पर जब परिवार मौके पर पहुंचा तो घर में पुलिस मौजूद थी और अर्चना का शव ऊपर के कमरे में पड़ा था। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इस मामले में राठ कोतवाली पुलिस ने पीड़ित पिता की तहरीर पर आरोपी फूल सिंह के खिलाफ धारा 498ए, 304बी आईपीसी और 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने आरोपी को धारा 498ए आईपीसी और धारा 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में दोषी करार देते हुए चार साल की सख्त सजा और चार हजार रुपये का जुर्माना लगाया। हालांकि अदालत ने धारा 304बी आईपीसी और धारा 3 दहेज प्रतिषेध अधिनियम में पर्याप्त साक्ष्य न मिलने के कारण आरोपी को बरी कर दिया।
मामले की विवेचना तत्कालीन सीओ प्रमोद कुमार सिंह ने पूरी कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी और आरोपी के खिलाफ कड़ी सजा की मांग की गई थी।






