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हैशटैग डिजिटल युग की पहचान

जन एक्सप्रेस/हरिद्वार: आज के डिजिटल युग में हैशटैग सिर्फ एक चिह्न नहीं, बल्कि एक विचार, आंदोलन और संवाद का माध्यम बन चुका है। यह इंटरनेट और सोशल मीडिया की भाषा का अभिन्न हिस्सा है। जिस प्रकार किसी विषय को पहचान देने के लिए शीर्षक आवश्यक होता है, उसी प्रकार सोशल मीडिया पर किसी विचार, घटना या ट्रेंड को पहचान देने का कार्य हैशटैग करता है।
हैशटैग का अर्थ और उत्पत्ति
हैशटैग का प्रतीक पहले पाउंड साइन या नंबर साइन के रूप में जाना जाता था। लेकिन सोशल मीडिया के विकास के साथ इसका अर्थ पूरी तरह बदल गया। साल 2007 में ट्विटर उपयोगकर्ता क्रिस मेसिना ने पहली बार ट्वीट्स को वर्गीकृत करने के लिए हैशटैग के प्रयोग का सुझाव दिया था। उन्होंने इसे ऑनलाइन बातचीत को एक साझा विषय के तहत जोडऩे का माध्यम बताया। यह प्रयोग इतना लोकप्रिय हुआ कि आज इंस्टाग्राम, फेसबुक, यूट्यूब, लिंक्डइन और लगभग हर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर हैशटैग का उपयोग आम हो गया है।
सामग्री को वर्गीकृत करना
हैशटैग किसी भी पोस्ट या सामग्री को विशेष श्रेणी में रखता है, जिससे उसे ढूंढना आसान हो जाता है। जब बहुत से लोग एक ही हैशटैग का प्रयोग करते हैं, तो वह विषय ट्रेंड बन जाता है।
हैशटैग के उपयोग के लाभ 
# पोस्ट की पहुंच बढ़ती है।
# समान रुचि रखने वाले लोगों तक संदेश आसानी से पहुँचता है।
# डिजिटल संवाद अधिक संगठित और खोजने योग्य बनता है।
# ट्रेंडिंग विषयों की जानकारी तुरंत मिलती है।
# डिजिटल समाज में हैशटैग की भूमिका
हैशटैग आज केवल सोशल मीडिया की तकनीकी सुविधा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संवाद का साधन बन चुका है। यह आम नागरिक को अपनी बात वैश्विक स्तर पर रखने का अवसर देता है। कोई भी व्यक्ति एक साधारण पोस्ट से सामाजिक आंदोलन की शुरुआत कर सकता है।
हैशटैग ने संचार की दुनिया में क्रांति ला दी है। यह शब्दों को जोडऩे के साथ-साथ विचारों, समुदायों और आंदोलनों को भी जोड़ता है। इसका जिम्मेदार उपयोग न केवल जानकारी के आदान-प्रदान को सरल बनाता है, बल्कि डिजिटल समाज को अधिक जागरूक और संगठित बनाता है।
हैशटैग शांतिकुंज 
शांतिकुंज एक सोशल मीडिया हैशटैग है, इसका उपयोग हरिद्वार में स्थित आध्यात्मिक केंद्र और अखिल विश्व गायत्री परिवार के मुख्यालय के बारे में पोस्ट साझा करने के लिए किया जायेगा। इस हैशटैग का उपयोग शांतिकुंज से संबंधित आध्यात्मिक गतिविधियों, गायत्री महामंत्र, युग निर्माण योजना, जन्मशताब्दी समारोह और इसके संस्थापक युगऋषि पं0 श्रीराम शर्मा आचार्य के बारे में जानकारी को व्यवस्थित और खोजने योग्य बनाने के लिए होता है।
धार्मिक और आध्यात्मिक सामग्री शांतिकुंज का उपयोग उन लोगों द्वारा किया जाता है जो शांतिकुंज की आध्यात्मिक गतिविधियों, गायत्री मंत्र के जप, ध्यान सत्रों और आश्रम में होने वाले अन्य कार्यक्रमों को साझा करना चाहते हैं। अखिल विश्व गायत्री परिवार से संबंधित पोस्ट यह हैशटैग अखिल विश्व गायत्री परिवार से संबंधित सभी गतिविधियों जैसे कि इसके सिद्धांतों और युग निर्माण योजना के बारे में जानकारी साझा करने के लिए एक मंच है।

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