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भारत सरकार की गाइडलाइन को ताक पर रखकर चलाए जा रहे कल्याणपुर में हॉस्पिटल

जन एक्सप्रेस/सनी राव मोघे

कानपुर नगर।  भारत सरकार ने नई पॉलिसी के तहत प्रत्येक प्राइवेट हॉस्पिटल के लिए 2014 में नई गाइड लाइन जारी किया है। लेकिन इसके बावजूद कानपुर शहर के खासकर कल्याणपुर क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का असर देखने को नहीं मिलता है। यहां पर हॉस्पिटल संचालक खुद की गाइडलाइन बनाकर हॉस्पिटल का संचालन कर रहे हैं। क्षेत्र में जितने भी हॉस्पिटल हैं उनमें से कुछ को छोड़कर सभी अस्पतालों ने सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का अनुपालन नहीं किया है। इन अस्पतालों में इंटर पास नर्सिंग स्टाफ है, तो वही हॉस्पिटल संचालक डॉक्टरों के तो क्या कहने हैं। अधिकतर अस्पतालों में डॉक्टरों के नाम पर केवल आपको कंपाउंडर मिलेंगे। जो कि पहले किसी अस्पताल में ट्रेनिंग ले चुके हैं और खुद का अस्पताल खोल लिया है। लेकिन इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चंद पैसों के लिए मानक अस्पतालों को चलने दे रहे हैं। जानकर हैरानी होगी कि केवल कल्याणपुर क्षेत्र में 300 अस्पताल संचालित है और इसके अलावा आए दिन नए अस्पताल होने जा रहे हैं।

प्राइवेट अस्पताल चलाने के यह है सरकारी मानक

1-प्राइवेट हॉस्पिटल के लिए कम से कम 2500 वर्ग गज का जगह होना चाहिए जिसमें हॉस्पिटल बनाना है।

2-अस्पताल संचालक को इस बात का ध्यान रखना है कि वाहन पार्किंग की व्यवस्था हो, जितने भी मरीज है उतने परिजन के वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए। 

3- अस्पताल में यदि 10 बेड है ऐसे में अस्पताल में कम से कम 15 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए।

4- जहाँ पर अस्पताल बना है वहाँ पर 12 मीटर या फिर उससे अधिक चौड़ाई वाली सड़क होना जरूरी है। इसके साथ ही फायर, व पॉल्युशन सम्बंधित विभाग से एनओसी लेना होगा। वाओं की दुकान के साथ अस्पताल में मेडिकल वेस्ट को डिस्पोज करने का व्यवस्था होना चाहिए।

5- अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया बिल्डिंग प्लान के तहत करना चाहिए।

6-एमआईसी के निमयों का पालन करना अनिवार्य होता है।

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