
जन एक्सप्रेस/पुरोला: कृषि क्षेत्र में डिजिटलीकरण को बढ़ावा देने के लिए जारी फार्मर रजिस्ट्री (Farmer Registry) प्रक्रिया के दौरान सोमवार को पुरोला में भारी गहमागहमी देखने को मिली। तहसील परिसर और केंद्रों पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसानों की लंबी कतारें लगी रहीं। हालांकि, इस प्रक्रिया में तकनीकी बाधाओं ने किसानों की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।
आधार कार्ड और मोबाइल नंबर लिंक न होना बनी बाधा
रजिस्ट्री प्रक्रिया के दौरान सबसे बड़ी समस्या आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट न होना सामने आ रही है। फार्मर रजिस्ट्री के लिए ओटीपी (OTP) का आना अनिवार्य है, लेकिन जिन किसानों का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, उन्हें ओटीपी प्राप्त नहीं हो पा रहा है। इस तकनीकी खामी के कारण कई किसानों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ रहा है।
अतिरिक्त आधार केंद्र भी पड़ा छोटा
किसानों की इस समस्या को देखते हुए प्रशासन ने पुरोला में एक अतिरिक्त आधार सेवा केंद्र खोलने का निर्णय लिया। बावजूद इसके, भीड़ इतनी अधिक है कि वहां भी व्यवस्थाएं कम पड़ती नजर आ रही हैं। किसानों को पहले अपना मोबाइल नंबर अपडेट कराने के लिए घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है, जिसके बाद ही वे रजिस्ट्री की मुख्य प्रक्रिया में शामिल हो पा रहे हैं।
किसानों की मांग: प्रक्रिया को बनाया जाए सरल
दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आए किसानों का कहना है कि आधार अपडेट और ओटीपी की इस पेचीदगी के कारण उनका पूरा दिन बर्बाद हो रहा है। किसानों ने मांग की है कि:
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आधार अपडेट की प्रक्रिया को और तेज किया जाए।
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केंद्रों पर बैठने और पीने के पानी की उचित व्यवस्था हो।
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तकनीकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान निकाला जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने और किसानों की सहायता के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र किसान इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से वंचित न रहे।






