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बस्ती जिले में विद्युत विभाग में करोड़ों का फर्जीवाड़ा, मुख्यमंत्री के “जीरो टॉलरेंस” को ठेंगा

परिषदीय विद्यालयों में बिजली कनेक्शन के लिए 1.67 करोड़ का बिजली विभाग को हुआ था पेमेंट,कारवाही शून्य

जन एक्सप्रेस / बस्ती : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ “जीरो टॉलरेंस” भ्रष्टाचार मुक्त को लेकर भले ही लाख दावे करते हैं। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। बस्ती जिले में बिजली विभाग के लापरवाह, भ्रष्ट अफसरो को मुख्यमंत्री का बिल्कुल भी डर नहीं है।
ताजा मामला बस्ती जिले के बिजली विभाग से जुड़ा हुआ है। जहां विभाग के लापरवाह अफसरों के चलते परिषदीय स्कूल के नौनिहाल भीषण गर्मी में बिना लाइट पंखे के बिना पढ़ने को मजबूर है।
आपको बता दे कि बस्ती जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में 385 प्राइमरी स्कूलों में बिजली का कनेक्शन होना था। जिसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने 2023- 24 में करीब डेढ़ साल पहले बिजली विभाग के खाते में ई-कुबेर के माध्यम से बिजली विभाग को 1.67 करोड़ का भुगतान कर दिया था। लेकिन बिजली विभाग के लापरवाह, भ्रष्ट अफसर के चलते अभी तक 15 से 20 ही स्कूलों में कनेक्शन होने की बात सही निकली है

बिजली विभाग का कारनामा, भुगतान 1.67 करोड़ का लेकिन कनेक्शन सिर्फ कागजों में! बेसिक शिक्षा विभाग के स्थलीय जांच में खुली पोल

बिजली विभाग के भ्रष्ट, लापरवाह, उदासीन,अफसरो के चलते परिषदीय विद्यालयों में छोटे-छोटे मासूम बच्चों के लिए बिजली कनेक्शन के भेजे गए 1.67 करोड रुपए बिजली विभाग ने डकार लिया जिसका कुछ पता ही नहीं। लेकिन बिजली विभाग के भ्रष्ट लापरवाह अफसरो ने कागज में ही कनेक्शन देकर बेसिक शिक्षा विभाग को रिपोर्ट् दे दिया कि उनकी तरफ से सारा काम हो चुका है। लेकिन जब अधिकारियों ने इसकी स्थलीय जांच कराई तो बिजली विभाग के कारनामे की पोल खुल गई,और बिजली विभाग के दावे फर्जी निकले।

लाखों के कंप्यूटर, स्मार्ट टीवी बिजली कनेक्शन के अभाव में फॉक रहे हैं धूल

सरकार परिषदीय बच्चों के लिए भले स्मार्ट टीवी प्रोजेक्टर कंप्यूटर, तकनीकी व्यवस्था के लिए करोड़ों रुपए भले खर्च कर दिए हो लेकिन अगर विद्यालय में बिजली कनेक्शन ही नहीं है तो यह सारी व्यवस्थाएं बेकार है, जिससे परिषदीय विद्यालयों की बच्चों का भविष्य चौपट हो रहा है। इसको लेकर शिक्षक संगठन व शिक्षकों में काफी रोष है। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष चंद्रिका सिंह, कोषाध्यक्ष दुर्गेश यादव, जिला उपाध्यक्ष रवीश मिश्रा, सुधीर तिवारी, जिला संगठन मंत्री विवेककांत पाण्डेय सहित तमाम लोगों ने बिजली विभाग के भ्रष्ट लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

तत्कालीन डीएम आंद्रा वामसी ने बिजली विभाग के अफसरों को लगाया था फटकार,फिर भी कार्यवाही जीरो

बेसिक शिक्षा विभाग के 385 स्कूलों में बिजली कनेक्शन में लापरवाही बरतने के मामले तत्कालीन डीएम आंद्रा वामसी ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को मीटिंग में कड़ी फटकार लगाई थी। लेकिन लापरवाह भ्रष्ट अफसरो के कान में जू नहीं रेगा, डेढ़ साल बीतने को लेकिन कार्रवाई के नाम पर जीरो है। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी अनूप कुमार ने भी कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा लेकिन बिजली विभाग के लापरवाह अफसरों के कान में जू नहीं रेंग रहा हैं।

बस्ती मंडल के बिजली विभाग के चीफ अफसर का चपरासी,ड्राइवर उठाता है सीयूजी फोन! मुख्यमंत्री का आदेश बेअसर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई बार स्पष्ट कहा है कि सभी सरकारी अधिकारियों का सीयूजी फोन हर-हाल में उठना चाहिए। लेकिन बिजली विभाग के लापरवाह अफसर के कारनामे कुछ अलग ही है। बस्ती मंडल के बिजली विभाग के चीफ का मोबाइल नंबर 9450963898 उनका ड्राइवर या चपरासी रिसीव करता है। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि जब बिजली विभाग के सबसे बड़े अधिकारी का यह हाल है तो उनके नीचे अधिकारियों का क्या हाल होगा।

वर्जन-1

भुगतान होने के बाद भी अगर परिषदीय विद्यालय में विद्युत कनेक्शन का काम लंबित है तो यह गंभीर विषय है। यथाशीघ्र कार्रवाही के लिए बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्राचार किया जाएगा।
संजय शुक्ल
एडी बेसिक बस्ती

वर्जन-2

परिषदीय विद्यालयों में कनेक्शन के लिए करोड़ो रूपये दिए जाने के बाद भी अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा बच्चे व विद्यालय स्टाफ भोग रहे है।
विद्यालय में कनेक्शन होने की वजह से लाखों के कंप्यूटर स्मार्ट टीवी धूल फॉक रहे हैं।
बिजली विभाग के लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही होना चाहिए।
बालकृष्ण ओझा
जिला मंत्री प्राथमिक शिक्षक संघ बस्ती

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