चित्रकूट में गरीबों के पट्टे खारिज, अपात्र को मिला जमीन का अधिकार

जन एक्सप्रेस/ चित्रकूट: सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता द्वारा गरीबों के लिए कृषि योग्य भूमि का पट्टा दिए जाने की योजना में भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। कमला देवी नामक विधवा महिला ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि अपात्रता का बहाना बनाकर उनका पट्टा खारिज कर दिया गया, जबकि अपूर्ण पत्रावली के बावजूद पंचायत मित्र की पत्नी बसंत देवी के नाम पर पट्टा आवंटित कर दिया गया। कमला देवी का कहना है कि पट्टा आवंटन में दलालों और अधिकारियों के बीच मोटी रकम का खेल हुआ है।

गरीब विधवा को न्याय की आस, अपात्र को फायदा
कमला देवी ने आरोप लगाया कि उनके पट्टे की सभी औपचारिकताएं पूरी थीं, फिर भी अधिकारियों ने उन्हें लगातार कार्यालय के चक्कर कटवाए। दूसरी ओर, अपूर्ण पत्रावली होने के बावजूद, पंचायत मित्र की पत्नी को पट्टा आवंटित कर दिया गया। कमला देवी ने दर्जनों गवाहों के हस्ताक्षर के साथ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने यह भी बताया कि सिंचाई विभाग के अधिकारी उनसे पैसे मांगते हैं, जो वह देने में असमर्थ हैं।
भ्रष्टाचार से पनप रही गरीबों में भुखमरी
पट्टा आवंटन में हो रहे भ्रष्टाचार से क्षेत्र के गरीबों में आक्रोश और भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। कमला देवी ने अधिकारियों पर गाली-गलौज और धमकी देने का भी आरोप लगाया है। पीड़िता ने जिलाधिकारी से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है और उम्मीद जताई है कि दोषियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। सवाल यह है कि क्या इस भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी, या गरीबों को इसी तरह अन्याय सहना पड़ेगा?






