यूपी में जल्द बजेगा मंत्रियों का डंका! 6 नए चेहरे, एक नाम फाइनल
CM योगी के दिल्ली दौरे से बढ़ा सियासी पारा

जन एक्सप्रेस लखनऊ/नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर होने वाला है। पार्टी सूत्रों के हवाले से खबर है कि योगी आदित्यनाथ सरकार में जल्द ही मंत्रिमंडल का बहुप्रतीक्षित विस्तार होने जा रहा है। इस विस्तार में ‘6 नए मंत्रियों की ताजपोशी’ तय मानी जा रही है, जिनमें ‘एक नाम लगभग फाइनल’ हो चुका है – ‘प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी।’
CM योगी का अचानक दिल्ली दौरा – संकेत बड़े बदलाव के!
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज दिल्ली पहुंचे हैं और उनका यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो दिल्ली में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक में मंत्री पद के नए चेहरों को लेकर मंथन होना है। खास बात यह है कि ‘दोनों उपमुख्यमंत्री – केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक – पहले से ही दिल्ली में मौजूद हैं’, जो इस बात को और बल देता है कि जल्द ही मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल तय है।
भूपेंद्र चौधरी को मंत्री बनाना तय, नए प्रदेश अध्यक्ष की भी जल्द घोषणा संभव
भूपेंद्र चौधरी को मंत्री बनाए जाने की चर्चा ने पार्टी संगठन में हलचल मचा दी है। यदि वे मंत्री बनते हैं, तो स्वाभाविक रूप से उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना होगा। ऐसे में भाजपा को यूपी में नया प्रदेश अध्यक्ष भी तय करना होगा, जो मिशन 2027 की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
पार्टी सूत्रों की मानें तो:
“छह नए चेहरे कैबिनेट में जगह पाने वाले हैं, जिसमें क्षेत्रीय और जातीय समीकरण को साधने की पूरी कोशिश की जाएगी। योगी सरकार का यह विस्तार लोकसभा चुनाव के बाद संगठन और शासन के तालमेल को मज़बूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।”
संभावित मंत्रियों में कौन-कौन?
हालांकि बाकी 5 नामों पर चर्चा जारी है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि जिन चेहरों को मंत्री बनाए जाने की संभावना है, उनमें ‘दलित, ओबीसी, महिला और ब्राह्मण वर्ग’ से नेताओं को प्राथमिकता दी जा सकती है। कुछ पुराने चेहरों की वापसी और कुछ नए चेहरों को जगह मिल सकती है।
राजनीतिक मायने:
लोकसभा चुनाव में प्रदर्शन के बाद संगठन और सरकार में समन्वय बढ़ाने की कोशिश 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति की नींव प्रदेश में जातीय समीकरण साधने का प्रयास बहरहाल योगी सरकार में बड़ा उलटफेर तय, नए चेहरों को मिलेगा मौका! मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिल्ली दौरे ने अटकलों को पुख्ता कर दिया है। अब सबकी निगाहें भाजपा आलाकमान की मुहर पर टिकी हैं। क्या इस बार कुछ चौंकाने वाले नाम सामने आएंगे? या फिर सधी हुई रणनीति के तहत जातीय संतुलन साधा जाएगा? जल्द सामने आएगी पूरी तस्वीर।






