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एलपीजी सिलेंडर समेत इनपर पड़ेगा प्रभाव

नया महीना आज से शुरू हो गया है जिसके बाद कई नियमों में बदलाव भी हुआ है। इस बार रसोई गैस की कीमत में कटौती की गई है। इसके अलावा सरकार ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स में भी बड़ा बदलाव किया है। म्यूचुअल फंड के नियम भी बदले है।
इस बार रसोई गैस की कीमत में बदलाव देखने को मिला है। पेट्रोलियम कंपनियां रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें हर महीने की पहली तारीख को तय करती है। इस बार कंपनियों ने ग्राहकों को राहत देते हुए रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कटौती को है। हालांकि ये कटौती कमर्शियल गैस सिलेंडर के लिए की है। पेट्रोलियम कंपनियों ने इस बार 171 रुपए की कटौती की है। इस कटौती के बाद दिल्ली में कमर्शियल रसोई गैस की कीमत 1856.50 रुपए हो गई है। पिछले महीने यानी एक अप्रैल को भी सरकार ने इस सिलेंडर पर 19 रुपए कम किए थे।

नया महीना आज से शुरू हो गया है जिसके बाद कई नियमों में बदलाव भी हुआ है। इस बार रसोई गैस की कीमत में कटौती की गई है। इसके अलावा सरकार ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स में भी बड़ा बदलाव किया है। म्यूचुअल फंड के नियम भी बदले है।
इस बार रसोई गैस की कीमत में बदलाव देखने को मिला है। पेट्रोलियम कंपनियां रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें हर महीने की पहली तारीख को तय करती है। इस बार कंपनियों ने ग्राहकों को राहत देते हुए रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कटौती को है। हालांकि ये कटौती कमर्शियल गैस सिलेंडर के लिए की है। पेट्रोलियम कंपनियों ने इस बार 171 रुपए की कटौती की है। इस कटौती के बाद दिल्ली में कमर्शियल रसोई गैस की कीमत 1856.50 रुपए हो गई है। पिछले महीने यानी एक अप्रैल को भी सरकार ने इस सिलेंडर पर 19 रुपए कम किए थे।

जीएसटी के नियमों में हुआ बदलाव

जीएसटी भरने वाले व्यापारियों के लिए भी बदलाव हुआ है। 100 करोड़ का बिजनेस करने वाली कंपनियों को अब सात दिन में इनवॉइस रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर ट्रांजेक्शन रसीद अपलोड करनी होगी।

केवाईसी में हुआ बदलाव

सेबी ने म्यूचुअल फंड कंपनियों से भी बदलाव करने को कहा है। इसके बाद केवाईसी करवाने वाले e wallet ग्राहक का ही ट्रांजेक्शन हो सकेगा।

जीएसटी भरने वाले व्यापारियों के लिए भी बदलाव हुआ है। 100 करोड़ का बिजनेस करने वाली कंपनियों को अब सात दिन में इनवॉइस रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर ट्रांजेक्शन रसीद अपलोड करनी होगी।

केवाईसी में हुआ बदलाव

सेबी ने म्यूचुअल फंड कंपनियों से भी बदलाव करने को कहा है। इसके बाद केवाईसी करवाने वाले e wallet ग्राहक का ही ट्रांजेक्शन हो सकेगा।

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