जौनपुर: होली के दिन दर्दनाक घटना, पत्नी के मायके से न लौटने पर युवक ने फांसी लगाकर दी जान

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जौनपुर जिले के खुटहन थाना क्षेत्र से होली के दिन एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। यहां पत्नी के मायके से वापस न आने से आहत एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
यह मामला खुटहन थाना क्षेत्र के ईश्वरपुर स्थित सलहदीपुर गांव का है। जानकारी के अनुसार गांव निवासी 25 वर्षीय शैलेन्द्र पुत्र रामअवध का करीब एक सप्ताह पहले अपनी पत्नी शीलम देवी से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के बाद नाराज होकर पत्नी अपने मायके चली गई थी।
परिजनों के मुताबिक शैलेन्द्र अपनी पत्नी को मनाने के लिए उसके मायके भी गया था, लेकिन वह वापस आने के लिए तैयार नहीं हुई। इसके बाद भी शैलेन्द्र लगातार उसे फोन कर घर लौटने के लिए कहता रहा।
बताया जा रहा है कि होली के दिन भी शैलेन्द्र ने कई बार पत्नी को फोन कर घर आने के लिए कहा, लेकिन उसने आने से इनकार कर दिया। इससे शैलेन्द्र काफी आहत हो गया। इसी मानसिक तनाव में उसने घर के सीमेंट शेड वाले कमरे में जाकर लोहे की पाइप में साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली।
घटना के समय घर के अन्य लोग होली का त्योहार मना रहे थे। परिजनों को लगा कि शैलेन्द्र रंग और अबीर से बचने के लिए कमरे में बंद है। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं निकला तो घरवालों को शक हुआ। दरवाजा खटखटाने और आवाज देने पर भी जब कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो परिजनों ने रोशनदान से अंदर झांककर देखा।
अंदर का नजारा देखकर परिजनों के होश उड़ गए। कमरे के अंदर शैलेन्द्र का शव फंदे से लटका हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए।
सूचना मिलने पर खुटहन थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इस मामले में मृतक के छोटे भाई शनि ने थाने में तहरीर देकर अपनी भाभी को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है और परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।






