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जौनपुर: DM डॉ दिनेश चन्द्र ने चकबंदी विभाग को लगाई फटकार

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: जिले में चकबंदी से जुड़े मामलों के त्वरित और पारदर्शी निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी डॉ० दिनेश चन्द्र ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कक्ष में आयोजित चकबंदी विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने विभागीय कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा करते हुए लंबित व पुराने मामलों को शीघ्र निपटाने के स्पष्ट निर्देश दिए।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि चकबंदी से जुड़े प्रकरण आम जनमानस से सीधे जुड़े होते हैं, ऐसे में अनावश्यक देरी से लोगों को वर्षों तक न्याय का इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अब कोई भी मामला बेवजह लंबित नहीं रहना चाहिए और हर प्रकरण का समाधान समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए।

डॉ० दिनेश चन्द्र ने विशेष रूप से पुराने और लंबे समय से लंबित वादों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों की प्राथमिकता के आधार पर सूची तैयार की जाए और उनके निस्तारण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रगति केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जमीन पर उसका वास्तविक प्रभाव भी दिखाई देना चाहिए।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्विवाद वरासत प्रकरणों को लेकर भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में किसी प्रकार का विवाद नहीं है, उनका निस्तारण संबंधित चकबंदी अधिकारी (एसीओ) द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में अनावश्यक आपत्तियां या देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा कि चकबंदी विभाग की कार्यशैली में पारदर्शिता और जवाबदेही अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक वाद की स्थिति की नियमित समीक्षा करें और पक्षकारों को समय-समय पर जानकारी भी उपलब्ध कराएं, जिससे अनावश्यक शिकायतों और विवादों से बचा जा सके।

बैठक में जिलाधिकारी ने यह भी चेतावनी दी कि यदि भविष्य में यह पाया गया कि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही के कारण प्रकरण लंबित हैं, तो संबंधित के विरुद्ध जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा स्पष्ट है—जनता को समय पर न्याय मिले और प्रशासन पर विश्वास बना रहे।

इस समीक्षा बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अंबष्ट, एसओसी शैलेंद्र, डीडीसी रामकिशोर पांडे सहित चकबंदी विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में लंबित मामलों की स्थिति से जिलाधिकारी को अवगत कराया और शीघ्र निस्तारण का आश्वासन दिया।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे फील्ड स्तर पर जाकर कार्यों की समीक्षा करें और केवल कार्यालयीन कार्यवाही तक सीमित न रहें। उन्होंने कहा कि चकबंदी से संबंधित मामलों का समाधान सीधे किसानों और ग्रामीण जनता से जुड़ा हुआ है, इसलिए संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य किया जाए।

बैठक के समापन पर जिलाधिकारी डॉ० दिनेश चन्द्र ने स्पष्ट संदेश दिया—
“कोई भी मामला लंबित नहीं रहना चाहिए। हर प्रकरण का समाधान समय पर हो, यही प्रशासन की प्राथमिकता है।”
उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में प्रगति के आधार पर ही अधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा।

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