जौनपुर: पेपर खराब होने से आहत छात्रा ने ट्रेन के सामने कूदकर दी जान, इलाके में शोक

जन एक्सप्रेस/जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के मीरगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है। परीक्षा का पेपर ठीक न होने से आहत एक 15 वर्षीय छात्रा ने ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर फैल गई है और परिवार में मातम पसरा हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मीरगंज थाना क्षेत्र के चौकी कला गांव निवासी गरिमा जैसवार एक होनहार छात्रा थीं। वह आरडी मेमोरियल मॉडर्न कॉन्वेंट इंटरमीडिएट कॉलेज में हाईस्कूल की पढ़ाई कर रही थीं।
शुक्रवार सुबह वह रोज की तरह परीक्षा देने के लिए घर से निकली थीं। लेकिन परीक्षा समाप्त होने के बाद वह गहरे तनाव में आ गईं। बताया जा रहा है कि हिंदी का प्रश्नपत्र ठीक न होने और तीन प्रश्न छूट जाने के कारण वह मानसिक दबाव में थीं।
रेलवे ट्रैक पर उठाया खौफनाक कदम
सूत्रों के अनुसार, छात्रा जंघई रेलवे फाटक के पास पहुंची, जहां उसने अपनी साइकिल खड़ी कर दी। इसके बाद जौनपुर से प्रयागराज की ओर जा रही ट्रेन के सामने छलांग लगा दी। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मौके पर पहुंची पुलिस, जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी जंघई, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि छात्रा परीक्षा को लेकर काफी तनाव में थी, जिसके चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
परिवार और गांव में पसरा मातम
इस घटना के बाद छात्रा के परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं पूरे गांव और विद्यालय में शोक की लहर दौड़ गई है। सहपाठी और शिक्षक भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं।
परीक्षा का दबाव बना बड़ा कारण?
यह घटना एक बार फिर इस सवाल को उठाती है कि क्या परीक्षा का दबाव बच्चों पर ज्यादा भारी पड़ रहा है? कम उम्र में मानसिक तनाव और असफलता का डर कई बार गंभीर परिणामों की ओर ले जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे समय में अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए और उन्हें यह समझाना चाहिए कि परीक्षा जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं है।







