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जौनपुर: अब बिना ‘किसान आईडी’ नहीं मिलेगी सम्मान निधि, 6 अप्रैल से हर गांव में लगेगा ‘फार्मर रजिस्ट्री’ कैंप

जन एक्सप्रेस / जौनपुर : जनपद के किसानों के लिए एक बेहद जरूरी खबर है। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एग्रीस्टैक  के तहत जौनपुर में 06 अप्रैल से गांव-गांव विशेष ‘फार्मर रजिस्ट्री’  अभियान शुरू किया जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र ने कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक के दौरान सख्त निर्देश दिए हैं कि जनपद के सभी पात्र किसानों की रजिस्ट्री हर हाल में शत-प्रतिशत पूरी की जाए।


 क्यों जरूरी है ‘किसान आईडी’?

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार की नई व्यवस्था के तहत अब किसानों के लिए यूनिक ‘किसान आईडी’ होना अनिवार्य है।

  • लाभ से वंचित रहने का खतरा: अब पीएम किसान सम्मान निधि, रियायती दरों पर उर्वरक (खाद), बीज और अन्य सभी कृषि संबंधी सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनकी किसान आईडी बनी होगी।

  • इसलिए जिलाधिकारी ने अपील की है कि कोई भी पात्र किसान इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से वंचित न रहे।


 6 अप्रैल से अधिक पेंडेंसी वाले गांवों में लगेंगे विशेष कैंप

बैठक में यह बात सामने आई कि अभी भी कई विकास खंडों में बड़ी संख्या में किसानों की रजिस्ट्री रुकी हुई है। इसे पूरा करने के लिए ही कड़ा रुख अपनाते हुए विशेष अभियान की रणनीति बनाई गई है:

  • स्पेशल कैंप: सभी विकास खंडों में अधिक पेंडेंसी वाली ग्राम पंचायतों को चिन्हित कर 06 अप्रैल से कैंप लगाए जाएंगे।

  • ऑन द स्पॉट रजिस्ट्रेशन: इन कैंपों में किसानों को फोन करके या सूचित करके बुलाया जाएगा और मौके पर ही उनकी फार्मर रजिस्ट्री की जाएगी।

  • अधिकारियों की तैनाती: सुबह 8 बजे से ही कैंपों में एडीओ (कृषि), लेखपाल, प्राविधिक सहायक, ग्राम सचिव और पंचायत सहायक उपस्थित रहकर कार्य पूरा कराएंगे।


 21 नोडल अधिकारी करेंगे अभियान की निगरानी

अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी ने 21 नोडल अधिकारी और 6 तहसील नोडल अधिकारियों को मैदान में उतारा है, जो अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर लगातार मॉनिटरिंग करेंगे। कैंप गांव के सार्वजनिक स्थलों (जैसे पंचायत भवन या स्कूल) पर लगाए जाएंगे और लाउडस्पीकर व मुनादी के जरिए इनका व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), मुख्य राजस्व अधिकारी, डीपीआरओ, सभी उप जिलाधिकारी और तहसीलदार सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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