जौनपुर: पुलिस मुठभेड़ में असलहा तस्करी गैंग का भंडाफोड़, 2 बदमाशों के पैर में लगी गोली, नकदी और हथियार बरामद

जन एक्सप्रेस/ जौनपुर : जौनपुर पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। सरायख्वाजा और बक्सा थाने की संयुक्त पुलिस टीम ने एक मुठभेड़ के दौरान अवैध असलहा तस्करी करने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की आत्मरक्षार्थ (जवाबी) कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी है।
छुन्छा पुलिया के पास हुई ताबड़तोड़ फायरिंग
यह मुठभेड़ उस समय हुई जब पुलिस टीम छुन्छा पुलिया के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग और नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों को जब पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, तो उन्होंने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग कर दी।
पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मोर्चा संभाला और गोलियां चलाईं। इस मुठभेड़ में दो बदमाश घायल हो गए, जिन्हें मौके से ही दबोच लिया गया:
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गुडलक तिवारी (पैर में गोली लगने से घायल)
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शशांक सिंह उर्फ साहिल (पैर में गोली लगने से घायल)
अंधेरे का फायदा उठाकर भागे साथी: पुलिस के अनुसार, इन दोनों के तीन अन्य साथी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे, जिनकी तलाश में पुलिस कॉम्बिंग कर रही है।
₹1.25 लाख कैश और अवैध हथियार बरामद
पुलिस को बदमाशों की तलाशी के दौरान भारी मात्रा में कैश और असलहे बरामद हुए हैं, जो इस प्रकार हैं:
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नकदी: ₹1,25,000 (एक लाख पच्चीस हजार रुपये) नकद।
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असलाह: 2 अवैध तमंचा (0.315 बोर), 2 जिंदा कारतूस और 2 खोखा कारतूस।
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वाहन: घटना में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल।
हथियार खरीदने जा रहे थे बदमाश: पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए स्वीकार किया कि वे बड़े पैमाने पर अवैध असलहा की खरीद-बिक्री के धंधे में लिप्त हैं और बरामद रुपयों से वे अपने साथियों के साथ और हथियार खरीदने जा रहे थे।
बदमाशों का लंबा है आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्त बेहद शातिर और पेशेवर अपराधी हैं। इन पर लूट, हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।
घायल बदमाशों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया है और थाना सरायख्वाजा में सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस साहसिक कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निरीक्षक अमरेन्द्र कुमार पाण्डेय, थानाध्यक्ष विक्रम लक्ष्मण, उपनिरीक्षक निखिलेश तिवारी, बृजेश कुमार सिंह और विवेकानन्द सिंह शामिल रहे।






